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विज्ञान सुविधा दे सकता है पर शांति नहीं: साध्वी कुमुदलता

चेन्नई. विज्ञान सुविधा दे सकता है पर शांति नहीं। शांति चाहिए तो आपको धर्म की शरण में आकर उसका स्वाद चखना होगा। बिना धर्म के शांति नहीं मिल सकती। अयनावरम स्थित ज...

सभी जीवों के साथ मैत्री संबंध रखें: ज्ञानमुनि

वेलूर. यहां शांति भवन में विराजित ज्ञानमुनि ने कहा मानवीय मन अति चंचल होता है। अनुकूलता, प्रतिकूलता, संयोग-वियोग, सुख-दुख आदि विभिन्न परिस्थितियों में भी मन तरं...

योग्य पद अयोग्य व्यक्ति बिठाने के गम्भीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं: उपाध्याय प्रवर प्रवीणऋषि

चेन्नई. जो वस्तु जो व्यक्ति संभाल नहीं सकता वह उसे दे दिया जाए या गलत आदमी गलत जगह पर बैठ जाने से सभी उसके परिणाम भुगतते हैं। धृतराष्ट्र को अयोग्य होने पर भी सत...

धर्मास्तिकाय अमूर्त होने के कारण अज्ञात होता है: महाश्रमण

चेन्नई. धर्मास्तिकाय अमूर्त होने के कारण अज्ञात होता है। इसी प्रकार आकाशास्तिकाय का भी पूर्ण ज्ञान छद्मस्त को नहीं हो सकता। आदमी को जितना संभव हो सके, अपने ज्ञा...

माता-पिता द्वारा मनुष्य को सच्चे धर्म का मार्ग मितला है: गौतममुनि

चेन्नई. माता-पिता द्वारा मनुष्य को सच्चे धर्म का मार्ग मितला है। ऐसे उपकारी माता पिता हर क्षेत्र में संतान का हित और भला करते हैं। पुतलीबाई ने अपने पुत्र मोहनदा...

गुरु का प्रेम मां के स्नेह से बड़ा

चेन्नई. कोंडीतोप स्थित सुंदेश मूथा भवन में विराजित आचार्य पुष्पदंत सागर ने कहा गुरु का प्रेम मां के स्नेह से बढकर होता है। ऐसा सोचने वाला ही वीतरागी गुरु का प्र...

भावनाओं के वाइब्रेशन सीधे हृदय को छूते हैं: उपाध्याय प्रवर प्रवीणऋषि

परमात्मा के मार्ग का अंशत: अनुकरण करने वाला करता है दुनिया पर राज चेन्नई. अपने परिजनों के प्रति प्रेम, समर्पण, दया और करुणा की भावना रखें। भावनाओं के वाइब्रेशन ...

शांति के लिए पैगम्बर ने हरा रंग चुना: साध्वी धर्मलता

चेन्नई. बुद्ध ने करुणा को चुना और एक पक्षी को बचाने के लिए अपने हाथ का मांस काट कर देने लगे। शांति के लिए पैगम्बर ने हरा रंग चुना व जीसस ने शूली पर चढ़ते हुए प्...

मंगल जीवन में कर्तव्य का पाठ पढ़ाता है: साध्वी कुमुदलता

चेन्नई. मंगल जीवन में कर्तव्य का पाठ पढ़ाता है लोग कहते हैं मंगल जीवन में दंगल करता है, ऐसा नहीं है मंगल जीवन में दंगल नहीं करता, मंगल तो जीवन में कर्तव्य करवात...

सभी दानों में अभयदान सर्वश्रेष्ठ

चेन्नई. सभी दानों में अभयदान को सर्वश्रेष्ठ माना गया है। सब कुछ हम दे रहे हैं, फिर भी सामने वाला यदि भयभीत है तो हमारा दिया हुआ समस्त दान निष्फल चला जाता है। यद...

अपने धर्म के प्रति निष्ठावान रहें: महाश्रमण

चेन्नई. धर्मगुरु अपने धर्म के प्रति निष्ठावान होने चाहिए। उन्हें अपने धर्म और ग्रंथों पर श्रद्धा होने के साथ ही उनको यथार्थ बोलना चाहिए। धर्मगुरु यथार्थवादी हों...

चातुर्मासिक प्रवचन की अमृत धारा: वीरेन्द्र मुनि

कोयम्बत्तूर आर एस पुरम स्थित आराधना भवन में चातुर्मासिक प्रवचन की अमृत धारा बरस रही है, जैन दिवाकर दरबार में विमलशिष्य वीरेन्द्र मुनि नें धर्म सभा को संबोधित कर...

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