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व्यक्ति धर्म से महान बनता है धन से नहीं

चेन्नई. संसार में दो तरह के पदार्थ होते हैं-एक मुख्य और दूसरा प्रथम। युद्ध संग्राम में सैनिक के लिए तलवार मुख्य है जबकि युद्ध की घोषणा करना, मस्तक पर तिलक लगाना...

दान के पीछे अहंकार पुष्टि व्यापार है: कपिल मुनि

चेन्नई. जिस दान के पीछे नाम की भूख और अहंकार पुष्टि की भावना होती है वह दान नहीं अपितु सौदा और व्यापार होता है। व्यक्ति की सम्पन्नता तभी सार्थक है जब उसका एकत्र...

दुर्लभ मनुष्य जीवन को प्रमाद में नष्ट न करें: उपाध्याय प्रवर प्रवीणऋषि

चेन्नई. सोमवार को श्री एमकेएम जैन मेमोरियल, पुरुषावाक्कम में विराजित उपाध्याय प्रवर प्रवीणऋषि एवं तीर्थेशऋषि महाराज का प्रवचन कार्यक्रम हुआ। उपाध्याय प्रवर ने ज...

उज्जवल भविष्य के लिए संस्कारों से जुडऩा जरूरी: गौतममुनि

चेन्नई. मनुष्य अपने जीवन को उज्ज्वल करना चाहता है तो संस्कारों से जुडऩे का प्रयास करे। मनुष्य कितनी ही ऊंचाई पर क्यों न चला जाए अगर संस्कार अच्छे नहीं हैं तो उस...

साधना का मूल आधार है आस्तिक विचारधारा: आचार्यश्री महाश्रमण

तमिलनाडु: चेन्नई महानगर के माधावरम में चतुर्मास प्रवास कर रहे अहिंसा यात्रा प्रणेता महातपस्वी शांतिदूत आचार्यश्री महाश्रमणजी ने सोमवार को ‘महाश्रमण समवसरण’ से अ...

भोजन, भाषा, भेष और भावनाओं को अच्छा बनाएं – राष्ट्र-संत चन्द्रप्रभ

बोरीवली में आयोजित हुआ सत्संग और प्रवचन मुंबई। राष्ट्र-संत चन्द्रप्रभ महाराज ने कहा कि हम अपने भोजन, भाषा, भेष और भावनाओं को अच्छा बनाएं। भोजन को ठीक करने की सी...

जीण माता के वार्षिकोत्सव में भक्तिमय हुआ माहौल

जीण सखी मंडल की ओर से छठा वार्षिकोत्सव हाल ही में एसआरके अग्रवाल सभा भवन में जोर-शोर के साथ मनाया गया। वार्षिकोत्सव के आयोजक बसेसर लाल ने बताया कि इस आयोजन से य...

अपनी चेतना को जानना और उसी का ध्यान करना है कायोत्सर्ग: उपाध्याय प्रवर प्रवीणऋषि

चेन्नई. रविवार को श्री एमकेएम जैन मेमोरियल, पुरुषावाक्कम में विराजित उपाध्याय प्रवर प्रवीणऋषि एवं तीर्थेशऋषि महाराज का प्रवचन कार्यक्रम हुआ। उपाध्याय प्रवर ने ज...

श्रावक के बारह व्रतों में नौवां व्रत है सामायिक: महाश्रमण

चेन्नई. श्रावक अनावश्यक यात्राओं से भी बचने का प्रयास करे। श्रावक यात्राओं का अल्पीकरण कर ले। श्रावक के बारह व्रतों में नौवां व्रत है सामायिक। श्रावक एक मुहूर्त...

जीवन सार्थक तभी जब कुछ करके दिखाओ: संयमरत्न विजय

चेन्नई. इस दुनिया में आए हैं तो कुछ करके दिखाओ, कुछ बनकी दिखाओ, अपना नाम इस दुनिया में छोडक़र दिखाओ। बंद द्वार से वापस लौटने से पूर्व हमें उसे धक्का देकर खोलने क...

मन को बिठाने के लिए चौदह रजनु लोक भी कम: साध्वी धर्मलता

चेन्नई. मन यदि शुभ है तो मरुदेवी की तरह कल्याण मार्ग पर बढ़ सकता है और मनोबल अशुभ बना तो कालू कसाई की तरह जीवन बिगड़ जाता है। आश्चर्य की बात है कि तन को बिठाने ...

गुरु ही सिखाते हैं जीवन जीने की कला: साध्वी कुमुदलता

चेन्नई. गुरु ही सिखाते हैं जीवन जीने की कला। भटकते हुए किसी राही को सच्ची राह दिखाने वाला केवल गुरु ही है। अयनावरम जैन दादावाड़ी में विराजित साध्वी कुमुदलता ने ...

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