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हमारी आत्मा स्वयं कर्म उपार्जन करती है: विमलमुनिजी

एस .एस . जैन संघ ऊटी के जैन स्थानक में जैन दिवाकर श्री चौथमलजी म सा के प्रपौत्र शिष्य एवं तरुण तपस्वी श्री विमलमुनिजी म सा के सुशिष्य वीरेन्द्रमुनिजी महाराज ने ...

मंगलकारी प्रभु मुनिसुव्रतस्वामी का हुआ अनुष्ठान

चेन्नई. रेणीगुंटा स्थित कन्हैयालालजी आंचलिया के निवास स्थान पर विराजित साध्वीवृंद डा. कुमुदलता, महाप्रज्ञा, डॉ. पद्मकीर्ति व राजकीर्ति के सान्निध्य में मंगलकारी...

शिक्षा से पहले संस्कार और व्यापार से पहले व्यवहार बहुत जरूरी: गौतममुनि

चेन्नई. ताम्बरम जैन स्थानक में विराजित उपप्रवर्तक गौतममुनि ने कहा परमात्मा के गुणों का अनुसरण कर जीवन पथ पर आगे बढना चाहिए। मनुष्य को शिक्षा से पहले अच्छे संस्क...

शांतिदूत आचार्यश्री महाश्रमण के ज्योतिचरण से पावन हुआ चिदम्बरम

चिदम्बरम, कडलूर (तमिलनाडु): जन-जन को सद्भावना, नैतिकता और नशामुक्ति का संदेश देते जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के ग्यारहवें अनुशास्ता, भगवान महावीर के प्रतिनि...

दुश्मन के शांति की भावना भावो: उपाध्याय प्रवर प्रवीणऋषि

चेन्नई. शुक्रवार को विल्लीपुरम जैन स्थानक भवन में उपस्थित भक्तों को श्रमणसंघीय उपाध्याय प्रवर प्रवीणऋषि एवं तीर्थेशऋषि महाराज ने उद्बोधन दिया। उपाध्याय श्रीजी न...

हमारी पहचान अपनी भाषा, परिवेश, भोजन: आचार्य धर्मेन्द्र

कोलकाता. भारत के सांस्कृतिक कायाकल्प में सक्रिय आचार्य धर्मेन्द्र महाराज ने कोलकाता आगमन पर समाजसेवी संदीप अग्रवाल, जयदीप अग्रवाल के लेक टाउन स्थित निवास पर संव...

जमवाय माता के दरबार में भजनों की अमृतवर्षा में झूमे भक्त

कोलकाता. नववर्ष के उपलक्ष्य पर माता जमवाय का आशीर्वाद पाने तथा नई पीढ़ी को भारतीय सभ्यता और संस्कृति से जोड़े रखने के लिए उद्योगपति ज्योति सोंथलिया की ओर से मात...

अहंकार से बड़ा दुनिया में कोई शत्रु नहीं-आचार्य धर्मेन्द्र

कोलकाता. भक्ति-प्रेम में आडम्बर और प्रदर्शन नहीं होना चाहिए। अहंकार से बड़ा दुनिया में कोई शत्रु नहीं और ईश्वर प्रमाण से नहीं, बल्कि भक्ति से प्राप्त होते हैं। ...

आत्मयुद्ध है सबसे बड़ा युद्ध:  संयमरत्न विजयजी

मुनिद्वय का आचार्यद्वय से हुआ आध्यात्मिक मिलन युगप्रभावकाचार्य श्रीमद् विजय जयन्तसेनसूरिजी के सुशिष्य मुनि श्री संयमरत्न विजयजी, मुनि श्री भुवनरत्न विजयजी ने वि...

आगे जाना है तो क्रोध करने से बचे: उपप्रवर्तक विनयमुनि

चेन्नई. क्रोमपेट जैन स्थानक में विराजित उपप्रवर्तक विनयमुनि ने कहा कि मनुष्य चाहे तो तप और जप से अपने जीवन को पवित्र बना सकता है। आज अगर पवित्र होना है तो तप कर...

अहंकार से बड़ा दुनिया में कोई शत्रु नहीं-आचार्य धर्मेन्द्र

कोलकाता. भक्ति-प्रेम में आडम्बर और प्रदर्शन नहीं होना चाहिए। अहंकार से बड़ा दुनिया में कोई शत्रु नहीं और ईश्वर प्रमाण से नहीं, बल्कि भक्ति से प्राप्त होते हैं। ...

अनमोल मानव जीवन को व्यर्थ न गंवाएं: ज्ञानमुनिजी

वेलूर. ज्ञानमुनिजी एवं लोकेशमुनि के सान्निध्य में अरणी के जैन स्थानक भवन में एसएस जैन संघ के तत्वावधान में नववर्ष के उपलक्ष्य में श्री पाश्र्वनाथ जयंती एवं महाम...

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