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संस्थाओं से बहन-बेटी सा बर्ताव हमारा संस्कार

कोलकाता. हम अपनी बहन बेटियों के यहाँ जब जाते हैं तो हमारी विनम्रता, हमारी श्रद्धा, हमारा अपनत्व, हमारी वहां कुछ देने की प्रवृत्ति, वहां का अन्न पानी ग्रहण करने ...

मायानगरी मुंबई से बाबा श्याम की खाटूनगरी के लिए रवाना भक्त

सूरत. बाबा श्याम के प्रति दीवानगी की कोई सीमा नहीं है तभी तो मुंबई से एक हजार तीन सौ पचास किलोमीटर की दूरी पैदल तय करके श्यामभक्त खाटूधाम जाने को निकल पड़ा है। ...

मानव धर्म ही सबसे ऊंचा:  श्रुतमुनि

चेन्नई. पट्टाभिराम में विराजित श्रुतमुनि और अक्षरमुनि ने कहा कि धार्मिक कार्य करने में जीवन में देरी नहीं करना चाहिए। जीवन में धर्म ध्यान, दान पुण्य, मानव सेवा ...

पुण्य और पाप ही सुख-दुख के मूल कारण: जयधुरंधर मुनि

चेन्नई. वेपेरी स्थित जयमल जैन पौषधशाला में जयधुरंधर मुनि ने कहा कि संसार में दो सारभूत तत्व होते हैं जीव और अजीव। जीव के अस्तित्व को स्वीकार करने वाला ही धर्म औ...

जीवन को वन नहीं उपवन बनाएं: साध्वी कुमुदलता

चेन्नई. साध्वी कुमुदलता, साध्वी महाप्रज्ञ ,साध्वी डॉ. पद्मकिर्ती, साध्वी राज कीर्ति,साध्वी कमलावती के दीक्षा दिवस के निमित्त अमावस्या के दिन अन्नदानम का कार्य र...

आत्मा के पतन का कारण है पापकर्म: जयधुरंधर मुनि

किलपॉक में विराजित जयधुरंधर मुनि ने कहा कि पुण्य ही आत्मा के लिए सच्ची पूंजी है। जिसने इस मनुष्य भव में पुण्य की कमाई कर ली, उसके जीवन में विकास होता है। हर जीव...

जीवन को गुणों से बनाए सुंदर: ज्ञानेंद्र मुनि

गुडियातम. मुनि ज्ञानेन्द्र कुमार ने अपने सहवर्ती मुनि विमलेश कुमार के साथ गुडियातम में तेरापंथ भवन में मंगल प्रवेश किया। इस अवसर पर सभा महिला मंडल, ज्ञानशाला यु...

दान, सत्संग और संयम अपनाएं: श्रुतमुनि

चेन्नई. आवड़ी जैन स्थानक में विराजित श्रुतमुनि ने कहा हमारा भाग्य है कि हमने आर्यक्षेत्र में जन्म लिया, जैन धर्म मिला, सब कुछ संपन्न मिला, यदि ये सब मिला है तो ...

संस्कारों व अच्छे चरित्र का निर्माण शिक्षा से ही संभव: ज्ञानमुनि

यहां वानियम्बाड़ी स्थित श्री मरुधर केसरी जैन महिला महाविद्यालय में ज्ञानमुनि एवं लोकेशमुनि के सन्निध्य में मंगलवार को 24वां वार्षिकोत्सव हुआ। इस अवसर पर छात्राओ...

मानव जीवन में दान,संयम और सत्संग का ले लाभ: श्रुतमुनि

चेन्नई. अंबात्तूर में विराजे श्रुतमुनि ने आंसुओं के महत्व के बारें में बताया। महावीर की आंख में संगम को उपसर्ग देने के बाद भी इसलिए आंसू आए क्योंकि उनके मन में ...

अन्तर को जगाना, आनंद को पाना: श्रुतमुनि

चेन्नई.अम्बत्तूर में विराजित श्रुतमुनि एवं अक्षरमुनि तथा साध्वी साक्षी ज्योति ने अपने प्रवचन में कहा कि मानव हमेशा दूसरों की गलती एवं अवगुण देखता है। अगर मानव ख...

इंद्रियों का निग्रह करना सबसे कठिन साधना: जयधुरंधर मुनि

कीलपॉक स्थित ऋषभ भवन में विराजित जयधुरंधर मुनि ने कहा साधक के लिए अपनी इंद्रियों पर सम्यक नियंत्रण रखना नितांत आवश्यक है। इंद्रिय विषयों में आसक्त बन इनमें प्रव...

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