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आनंद-धाम की पुण्यधरा पर “प्रथम स्वाध्यायी सम्मेलन” संप्पन्न

आनंद-धाम की पुण्यधरा पर “प्रथम स्वाध्यायी सम्मेलन” संप्पन्न! अहिल्यानगरः महाराष्ट्र प्रवर्तक पु कुंदन ऋषिजी म.सा.,मानवता के मसीहा पु. आदर्श ऋषिजी म. सा. शिक्षा प्रणेता पु आलोकऋषिजी म.सा एवं अनेक साध्वी व्रुंदो के निश्रा मे आज आचार्य सम्राट , राष्ट्रसंत पु. आनंदऋषिजी म.सा.के 125वे जन्मोत्सव वर्ष का औचित्य सामने रख आज स्वाध्याय संघ एवं श्रावक संघ का प्रथम अधिवेशन समाज के गण मान्य नेता गण एवं अनेक स्वाध्यायी भाई-बहन एवं श्रावक श्राविका के उपस्थिती में अनेक आध्यात्मिक विचार सेवा समर्पण, सहयोग, धर्म संस्कार, एवं युवा पीढ़ी को धर्म संस्कारो से जोड़ना आदि गुरु गुरुणीसा एवं वक्ताओं के विचारो से सम्मेलन की शुरुवात एवं समापन हुआ! गत 45 वर्षसे स्वाध्याय संघ अपनी अविरत सेवा दे रहा है और 450 से अधिक स्वाध्यायी तयार हुये हैं और पर्युषण कालमें अपना समर्पण देते है! स्वाध्याय सम्मेलन में प्रमुख अतिथी रुपमे...

तेरापंथ महिला मंडल, किलपॉक का हुआ नवगठन

 श्रीमती अनिता सुराणा बनी प्रथम अध्यक्षा, वनिता नाहर मंत्री आचार्य तुलसी की 29वीं पुण्य तिथी विसर्जन दिवस के रूप में मनाई गई Sagevaani.com /चेन्नई: गणाधिपति पूज्य गुरुदेव श्री तुलसी का 29वां महाप्रयाण दिवस विसर्जन दिवस के रूप में मुनि मोहजीतकुमार ठाणा -3 के सान्निध्य में तेरापंथ जैन विद्यालय, पट्टालम में आयोजित किया गया।   मुनि मोहजीतकुमार ने आचार्य तुलसी के अवदानों की चर्चा करते हुए कहा कि आचार्य तुलसी अपने युग के महान पारखी पुरुष थे। उन्होंने अपने कार्यकाल में अनेकानेक अवदानों को दिया। उसी श्रृंखला में व्यक्तियों का निर्माण भी बखूबी किया, जिससे चतुर्विध धर्मसंघ की गतिविधियों, कार्य प्रणालियों, संघ की सुव्यवस्थाओं और धर्म की प्रभावना को बल मिला। आचार्य तुलसी ने सम सामयिक चिंतन, युगानुरूप अपेक्षा एवं बदलाव की प्रक्रिया को धरातल पर उतारा।  मुनि भव्यकुमार ने नेतृत्व की पांच कसौटियों पर आचार्...

स्वाध्याय भवन में रत्नवंश का क्रियोद्वार दिवस संघ समर्पण दिवस के रुप में मनाया गया

आषाढ़ कृष्ण द्वितीया- दूज दिनांक 13 जून 2025, शुक्रवार को साहूकारपेट बेसिन वाटर वर्क्स स्ट्रीट स्वाध्याय भवन में रत्नवंश का क्रियोद्वार दिवस संघ समर्पण दिवस के रुप में मनाया गया वरिष्ठ स्वाध्यायी श्री आर वीरेन्द्रजी कांकरिया ने श्रुतधर खण्ड में वर्णित चैत्यवासी परम्परा का वर्णन करते हुए रत्नवंश की सामाचारी पर प्रकाश किया | श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ,तमिलनाडु के निवर्तमान कार्याध्यक्ष आर नरेन्द्रजी कांकरिया ने कहा कि आज ही कि तिथि विक्रम संवत 1854 की आषाढ़ कृष्ण द्वितीया को रत्नवंश के प्रथम पट्टधर के रुप में आचार्य पूज्यश्री गुमानचन्द्रजी म.सा ने अपने शिष्य रत्न रत्नचंद्रजी म.सा के सहयोग से राजस्थान की पावन धरा बडलु जिसे वर्तमान में भोपालगढ़ के रुप में जाना जाता हैं,उस पावन धरा में तेरह सन्तों के संग इक्कीस बोलों की मर्यादा रखते हुए क्रियोद्वार किया | जिन इक्कीस बोलों के साथ क्रियोद्वार क...

उपाध्याय भगवन्त पूज्यश्री मानचन्द्रजी म.सा का 63 वां दीक्षा दिवस मनाया गया

वैशाख शुक्ल त्रयोदशी को पण्डित रत्न उपाध्याय भगवन्त पूज्यश्री मानचन्द्रजी म.सा का 63 वां दीक्षा दिवस, बेसिन वाटर वर्क्स स्ट्रीट साहूकारपेट चेन्नई में स्थित स्वाध्याय भवन में जप तप त्याग पूर्वक श्रद्धालुओं द्वारा मनाया गया | श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ, तमिलनाडु के निवर्तमान कार्याध्यक्ष आर.नरेन्द्रजी कांकरिया ने पण्डित रत्न उपाध्यायश्री मानचंद्रजी म.सा के ऋजुता,सरलता,कषाय मंदता, विद्धवता,अप्रमतता, मधुरभाषिता कालोकाल नियमितता,प्रशांतमना, आत्मार्थी आदि विशिष्ठ गुणों के अनेक उद्दरण धर्म सभा में रखते हुए कहा कि उनके विनय सेवा व सरलता के गुणों के कारण उन्हें चौथे आरे की बानगी के रुप में जैन जाता हैं | वरिष्ठ स्वाध्यायी श्री आर वीरेंद्रजी कांकरिया ने जैन साहित्यिक श्री दिलीपजी धींग के वर्तमान में प्रासंगिक चिन्तन भगवान महावीर के अर्थशास्त्र और विश्वशांति पर्यावरण,न्याय व नैतिकता, शाकाहार,अहि...

डा प्रियदर्शनाजी म.सा के 68 दिवसीय संथारा पूर्वक देवलोकगमन हो जाने पर गुणानुवाद किये

श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ, तमिलनाडु के तत्वावधान में स्वाध्याय भवन, साहूकारपेट चेन्नई में महासती डा प्रियदर्शनाजी म.सा के 68 दिवसीय संथारा पूर्वक देवलोकगमन हो जाने पर चार लोगस्स का ध्यान करते हुए गुणानुवाद किये गए | श्रावक संघ तमिलनाडु के निवर्तमान कार्याध्यक्ष आर नरेन्द्रजी कांकरिया ने कहा कि ऋषि परम्परा के श्रमण संघीय आचार्य पूज्यश्री आनंदऋषिजी म.सा के आनंद उज्वल प्रमोद कुल की ज्येष्ठ महासतीजी विदुषी उपप्रवर्तिनी डा. पूज्यश्री प्रियदर्शनाजी म.सा जिनको छोटे बाई म.सा के नाम से भी जाना जाता हैं, उन्होंने गुरुवार 21 मई को सायं काल करीब 4 बजे 68 दिवसीय संथारा पूर्वक समाधिमरण वरण किया | महासती को कोथरुड, पुणे,महाराष्ट्र में 68 दिनों पूर्व रविवार 16 मार्च 2025 के सुबह 9:35 बजे महाराष्ट्र प्रवर्तक श्री कुंदनऋषिजी म.सा के मुखराविंद से सजग अवस्था में सावज्ज संथारा व्रत के पच्चक्खान कराए गए थ...

आत्मा को सजाने का प्रयास करो, शरीर को: प्रविणऋषिजी म. सा. नही- उपाध्याय प्रवर

आत्मा को सजाने का प्रयास करो, शरीर को नही- उपाध्याय प्रवर, अर्हम विज्जा प्रणेता पु. प्रविणऋषिजी म.सा. का उद् भोदन! आज उपाध्याय प्रवर पु . प्रविणऋषिजी म. सा. एवं मधुरगायक पु. तिर्थेष ऋषिजी म. सा. का आकुर्डी- निगडी- प्राधिकरण श्री संघ के प्रांगण मे भव्य स्वागत किया गया ! श्री संघ के पदाधिकारी गण, “ जिनेश्वरी” मंडल, चंदनबाला महिला मंडल, बहु मंडल , गुरु आनंद प्रार्थना मंडल एवं श्री संघ के सदस्य परिवारो द्वारा गुरुभगवंतो का स्वागत किया गया! पिपंरी चिॅचवड एवं पुना परिसर के अनेक जैन श्रावक संघ के पदाधिकारी गण उपस्थित थे! मधुर गायक पु तिर्थेष ऋषिजी म.सा. ने सुंदर स्तवन पेश किया! अपने उद्भोदन मे उपाध्याय प्रवरश्री जी ने आत्मा और शरीर की सुंदर शब्दो मे तुलना की ! ज्यो शरीर नश्वर है उसे सजाने का काम हम करते है, आत्मा के और हम ध्यान नही देते! आत्मा अमर है उसपर हम ने चिंतन करना चाहिये! आत्मा को सजाना च...

नवकार महामन्त्र दिवस पर नौ संकल्प पर स्वाध्याय अनुप्रेक्षा कार्यक्रम हुआ

स्वाध्याय भवन, साहूकारपेट, चेन्नई में रत्न स्वर्ण वर्ष के अंतर्गत नवकार महामन्त्र दिवस पर नौ संकल्प पर स्वाध्याय अनुप्रेक्षा कार्यक्रम रविवार दिनांक 8 जून 2025 को सम्पन्न हुआ | वरिष्ठ स्वाध्यायी आर वीरेन्द्रजी कांकरिया ने माननीय प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदीजी के चिन्तन रुपी नौ संकल्पों का विस्तृत विवेचन करते हुए अनुप्रेक्षा की | नौ संकल्प के अंतर्गत पानी बचाने का संकल्प,एक पेड़ मां के नाम लगाने,स्वच्छता का मिशन,वोकल फॉर लोकल, भारत देश दर्शन के अंतर्गत संस्कृति परम्परा को जानना प्राकृतिक खेती को अपनाना, स्वस्थ जीवन शैली अपनाते हुए खान-पान,योग और खेल को जीवन का अंग बनाना, दीन-दुःखी की मदद करना उपरोक्त नौ संकल्पों को विस्तृत रुप से समझाते हुए अपनाने की प्रेरणा की गई | श्रावक संघ के निवर्तमान कार्याध्यक्ष आर नरेन्द्रजी कांकरिया ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदीजी के मार्मिक चिन्तन...

पूज्यश्री रत्नचंद्रजी म.सा का 180 वां स्मृति दिवस मनाया गया

क्रियोद्वारक परम तेजस्वी कीर्ति निष्पृही बाल ब्रह्मचारी आचार्य पूज्यश्री रत्नचंद्रजी म.सा का 180 वां स्मृति दिवस आज मंगलवार 10 जून 2025, ज्येष्ठ शुक्ल चतुर्दशी को तप-त्याग पूर्वक गुणगान करते हुए आराधना दिवस के रुप मे साहूकारपेट के बेसिन वाटर वर्क्स स्ट्रीट में स्थित स्वाध्याय भवन में मनाया गया | वरिष्ठ स्वाध्यायी आर वीरेन्द्रजी कांकरिया ने श्रुतधर खण्ड का वांचन किया | श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ,तमिलनाडु के निवर्तमान कार्याध्यक्ष आर नरेन्द्रजी कांकरिया ने राजस्थान के कुड़ ग्राम मे श्रावक लालचन्द्रजी व श्राविका हीरादेवीजी के यहां जन्मे बालक रत्नचंद्रजी के नागौर मे बाल्यकाल, दृढ़ वैराग्य, आचार्य भगवन्त पूज्यश्री गुमानचन्द्रजी म.सा के सानिध्य व चरित्रमय जीवन का परिचय व पद के प्रति निष्पृहता भाव का वर्णन करते हुए कहा कि पूज्यश्री रत्नचंद्रजी म.सा ने गुरुदेव आचार्य गुमानचन्द्रजी म.सा के देवलो...

श्रीमती वनिता पगारिया बनी अध्यक्ष और अंकुर खटेड़ मंत्री

लाडनूं नागरिक परिषद ,चेन्नई का 28वॉ वार्षिक अधिवेशन समायोजित                            परिषद् के इतिहास में पहली बार बनी महिला अध्यक्ष Sagevaani.Com /चेन्नई : लाडनूं नागरिक परिषद, चेन्नई का 28वॉ वार्षिक अधिवेशन रविवार को हीरावत पैलेस में आयोजित किया गया। अधिवेशन का आरम्भ सदस्यों द्वारा नमस्कार मंत्र के उच्चारण के साथ हुआ।  परिषद अध्यक्ष श्री तरुण दुगड़ ने स्वागत भाषण में अपनी समिति व सदस्य परिवारों का आभार व्यक्त किया। मंत्री श्री अंकुर खटेड ने विगत वर्ष की गतिविधियों का विवरण प्रस्तुत किया। कोषाध्यक्ष श्री अभय बैद आय- व्यय ब्योरा प्रस्तुत किया।  तत्पश्चात आगामी सत्र की अध्यक्षा श्रीमती वनिता पगारिया का पूरे सदन ने खड़े होकर करतल ध्वनि के साथ बहुत ही उत्साह व गर्मजोशी से स्वागत किया, परिषद् के 28 वर्ष के इतिहास में पहली बार एक महिला अध्यक्ष के रूप में चुनी गई हैं। तत्पश्चात वर्तमान टीम ने ...

जीतो चेन्नई ने वितरित की ₹25 लाख की छात्रवृत्तियाँ, 400 से अधिक जैन विद्यार्थियों का सम्मान

शिक्षा और सेवा का संगम: जीतो चेन्नई द्वारा भव्य छात्रवृत्ति एवं सम्मान समारोह संपन्न जीतो चेन्नई चैप्टर फाउंडेशन द्वारा 8 जून 2025 को भवन्स स्कूल ऑडिटोरियम में एक भव्य छात्रवृत्ति वितरण एवं मेधावी जैन विद्यार्थियों के सम्मान का आयोजन किया गया। यह समारोह प्रतिभा, परिश्रम और शिक्षा के माध्यम से सशक्तिकरण की भावना का उत्सव था, जिसमें समाज के कई प्रतिष्ठित व्यक्ति, दानदाता एवं गणमान्य जन उपस्थित रहे। समारोह के मुख्य अतिथि श्री गोपालजी अग्रवाल ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी सोच को व्यापक बनाएं और जीवन में निरंतर सीखते रहने की आदत अपनाएं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी केवल समाज ही नहीं, बल्कि देश का भी भविष्य हैं, और उन्हें सामाजिक रूप से जिम्मेदार व वैश्विक स्तर पर सक्षम नागरिक बनना चाहिए। विशिष्ट अतिथि श्री अजीत प्रसाद जैन ने सफलता के लिए अनुशासन, समर्पण और नैतिक ...

संघ समाज निर्माण के लिए कान पकड़ने वाला एवं हाथ पकड़ने वाला जरुरी है- उपाध्याय प्रवर अर्हम विज्जा

संघ समाज निर्माण के लिए कान पकड़ने वाला एवं हाथ पकड़ने वाला जरुरी है- उपाध्याय प्रवर अर्हम विज्जा प्रणेता गुरुवर प्रविण ऋषिजी का उद् भोदन! माऊली गार्डन में हुआ भक्तिपुर्ण स्वागत! औंध- आज औंध-बाणेर-बालेवाडी- पाषाण-पिंपले नीलख (ABBPPSS) जैन श्रावक संघ द्वारा राष्ट्रसंत आचार्य सम्राट 1008 पु आनंदऋषिजी म.सा. के लाड़ले शिष्य उपाध्याय प्रवर अर्हम विज्जा प्रणेता पु. प्रविण ऋषिजी म.सा एवं मधुर गायक तिर्थेश ऋषिजी म.सा. भव्य स्वागत किया गया! आयोज को द्वारा गुरुदेव से निवेदन किया गया कि श्री संघ कैसा होना चाहिये इसपर अपनी बात रखे! औंध-बाणेर-बालेवाडी-पाषाण- पिंपले निलख यह नया श्री संघ है! गुरुदेवने अपने उद् भोदन मे श्री संघ के लिए त्रिसुत्री का एहलान करते विजन गोल और सकारात्मक सोच सामने रख संघ निर्माण हो! तोड़ना भी हैं और जोड़ना भी है ! ग़लत सोच, नकारात्मक भाव, ग़लत विचार धारा को तोड़ना हैं और संघ समा...

प्रतिक्रिया विरति से व्यक्ति बनता महान – साध्वी उदितयशाजी

 मंगल भावना एवं ज्ञानशाला संवर्धन कार्यक्रम भी हुए समायोजित Sagevaani.com /चेन्नई: आचार्य श्री महाश्रमणजी की सुशिष्या साध्वीश्री उदितयशाजी ठाणा 4 के सान्निध्य में तेरापंथ सभा उत्तर चेन्नई की आयोजना में तेरापंथ भवन, तंडियारपेट में ‘एक्शन विदाउट रिएक्शन’ – कार्यशाला का रविवार को आयोजन हुआ।  नमस्कार महामंत्र समुच्चारण से शुभारम्भ कार्यक्रम में समुपस्थित धर्म परिषद् को सम्बोधित करते हुए साध्वीश्री उदितयशाजी ने कहा कि मनुष्य जीवन में स्वाभाविक रूप से कम या ज्यादा क्रिया की प्रतिक्रिया होती ही है, एक्शन का रिएक्शन होता ही है। वैसे दुनिया में असम्भव कुछ भी नहीं है। जब हम संभलते हैं, सहज होते हैं, अपने आप को तराशते हैं, तो हर क्रिया की प्रतिक्रिया में भी कुछ अच्छा ढूंढ लेते हैं और अपना नव निर्माण कर लेते हैं।  साध्वीश्री ने वीतराग कल्प आचार्य श्री मघवागणी जी, आचार्य श्री महाप्रज्...

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