Featured News

कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित

चेन्नई के सेवा निवास में तमिलनाडु संभाग के सभी कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर संभाग अध्यक्ष ने सभी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की तथा एफटीएस और ईजीएस के सदस्यों ने सुबह 10 बजे से सभी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। अचलों के अनुभव को कार्यकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत किया गया तथा क्षेत्र कार्य में किसी भी आपत्ति या समस्या के बारे में भी पूछा गया। समाधान दिए गए तथा समितियों ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया तथा विभिन्न स्तरों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। नए बदलावों की घोषणा की गई तथा कार्यकर्ताओं की नई जिम्मेदारियों की घोषणा की गई। एफटीएस और ईजीएस की सभी समितियों ने नए कार्यकर्ताओं को आशीर्वाद दिया। तमिलनाडु में अब से 2 संभाग होंगे तथा प्रत्येक संभाग में 15 गांव होंगे। सभी संचों को भरने के लिए 2 महीने का समय दिया गया है। सभी कार्यकर्ता बहुत उत्साहित थे और उन्होंने निर्धारित समय म...

वृक्षारोपण का आयोजन भी किया गया

राजस्थान पत्रिका एवं एक्ष्नोरा इंटरनेशनल के संयुक्त तत्वावधान में चलाए जा रहे हरित प्रदेश अभियान द्वारा वन महोत्सव सप्ताह के अंतर्गत कई स्कूल, कॉलेजों में पर्यावरण संरक्षण एवं वन विभाग की विशेष जानकारी हज़ारों विद्यार्थियों को दी गयीl आज वन महोत्सव सप्ताह के समापन दिवस का आयोजन विद्योदया गर्ल्स हायर सेकंडरी स्कूल टी नगर में मनाया गया, स्कूल की प्रधान अध्यापिका शांति ने सब को संबोधित करते हुए वन महोत्सव की जानकारी दी, मुख्य अतिथि टीएमटी एल सौम्या डिप्टी डायरेक्टर डिपार्टमेंट ऑफ एनवायरमेंट एंड क्लाइमेट चेंज गवेनमेंट ऑफ तमिलनाडु ने विद्यार्थियों को विस्तार से जानकारी दी, एवं डाक्टर के मुथुकुमार प्रोग्राम ऑफिसर डिपार्टमेंट ऑफ एनवायरमेंट एंड क्लाइमेट चेंज गवेनमेंट ऑफ तमिलनाडु ने विशेष जानकारी दी। इस मौके पर एक्ष्नोरा नॉर्थ सचिव फतेहराज जैन ने वन महोत्सव सप्ताह के अंतर्गत 15 स्कूल 3 कॉलेज में हज...

पुरुषार्थ के मूर्त रुप थे आचार्य महाप्रज्ञ: मुनि हिमांशुकुमार

 आचार्य महाप्रज्ञ का 105वॉ जन्मोत्सव प्रज्ञा दिवस पर  आनन्दमय जीवन के लिए उपयोगी बताया प्रेक्षाध्यान को केएलपी पट्टालम्, चेन्नई: आचार्यश्री महाप्रज्ञजी का 105वॉ जन्मदिवस प्रज्ञा दिवस के रूप में मुनि श्री हिमांशुकुमारजी ठाणा 2 के सान्निध्य में जैन तेरापंथ परिवार केएलपी की आयोजना में केएलपी अभिनन्दन अपार्टमेंट के संयम वाटिका, पट्टालम्, चेन्नई में मनाया गया।  धर्म परिषद् को सम्बोधित करते हुए मुनि हिमांशुकुमार ने कहा कि आचार्य महाप्रज्ञ प्रबल गुरु कृपा, भाग्य और पुरुषार्थ के मूर्त रुप थे। आपके जीवन में आगे बढ़नें के लिए प्रबल गुरु कृपा का विशेष योगदान रहा। उन्होंने अपने दीक्षा गुरु आचार्य कालूगणी और शिक्षागुरु आचार्य तुलसी दोनों की विशेष कृपा प्राप्त की।  आचार्यश्री के भाग्य का उल्लेख करते हुए मुनि ने आगे कहा कि उन्होंने जिस किसी कार्य को प्रारंभ किया, उसे कुशलता से निष्पत्ति पूर्ण रूप में सम्प...

बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे आचार्यश्री महाप्रज्ञ: साध्वी डॉ गवेषणाश्री

Sagevaani.com /रेडहिल्स, चेन्नई: युवामनीषी आचार्य श्री महाश्रमणजी की सुशिष्या डॉ साध्वीश्री गवेषणाश्रीजी के सान्निध्य में “आचार्य श्री महाप्रज्ञजी का 105वॉ जन्मदिवस” जैन भवन रेडहिल्स, चेन्नई के प्रांगण में मनाया गया।  आराध्य की अभीवन्दना में डॉ साध्वी गवेषणाश्री ने कहा कि आचार्य श्री महाप्रज्ञजी की तलहटी से शिखर की, अज्ञ से प्रज्ञ तक की यात्रा है। जिन्होंने उन्मुक्त आकाश की भांति अपने शुभ भविष्य के निर्माण हेतु अथक परिश्रम किया। आपको चार चीजें बचपन से बहुत पसंद थी- कंघा, टॉर्च, घड़ी और दर्पण। कंघा से उन्होंने समाज की उलझी हुई गुत्थियों को सुलझाने का प्रयास किया। टार्च के द्वारा स्वयं प्रकाशक बने, घड़ी के योग से टाइम मैनेजमेन्ट का सूत्र दिया।  साध्वीश्री मयंकप्रभाजी ने कहा कि आचार्यश्री महाप्रज्ञजी का संयमबल, विचारबल, आचारबल, समर्पणबल उत्कृष्ट था। आप एक पॉजिटिव, एनर्जिटिक और कॉन...

रामायण हुआ संपन्न

वन बंधु परिषद का भव्य आयोजन रामायण आज संपन्न हुआ। दीप प्रज्वलित कर एकल के अधिकारियों ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया चेन्नई इकाई के अध्यक्ष प्रवीण टाटिया ने सभी का स्वागत किया, शिवकुमार गोयंका कार्यक्रम के चेयरमैन ने सभी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाते हुए स्वागत, कार्यक्रम का मुख्य उपदेश एकल विद्यालय को आर्थिक सहयोग के लिए कार्यक्रम प्रायोजित किया था और धन्यवाद दिया। सचिव गिरी बागडी ने संपूर्ण भारत में एकल के अद्भुत कार्य का परिचय चलचित्र के माध्यम से सभा को और द्वारा प्रकाश ध्वनि दृश्य मंच में प्रस्तुत किया । तमिलनाडु प्रदेश के एकल विद्यालय से संपूर्ण कार्यकर्ता, शिक्षिका, प्रभारी सभी का मंच पर सम्मानित। स्मृति चिन्ह और माला द्वारा सभी दानदाताओं का अभिवादन किया, जिनके माध्यम से यह वन बंधु परिषद सक्षम रुप से इस भगीरथ कार्य को कर पा रहे हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने में, विनोद जैन, विवेक बम, दौलतर...

केंसर जाँच शिविर का आयोजन

 चेन्नई तेरापंथ महिला मण्डल और गणगौर ने मिल कर किया आयोजना   51 महिलाओं की की गई जाँच Sagevaani.com /चेन्नई: अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के तत्वावधान में तेरापंथ महिला मंडल, चेन्नई की आयोजना में गणगौर (राजस्थानी एसोसिएशन तमिलनाडु) एवं श्री जैन मेडिकल रिलीफ सोसाइटी के सहयोग से केंसर केयर केम्प का आयोजन शनिवार को तेरापंथ सभा भवन, साहुकारपेट, चेन्नई में किया गया।  केम्प का शुभारम्भ नमस्कार महामंत्र के पश्चात महिला मण्डल की बहनों द्वारा प्रेरणा गीत का सांगान हुआ। गणगौर प्रार्थना संगीत का संगान हुआ। अभातेममं कार्यसमिति सदस्या श्रीमती दीपा पारख ने अभातेममं के पचास वर्षीय इतिहास के साथ संस्था द्वारा संचालित आध्यात्मिक, सामाजिक गतिविधियों का उल्लेख करते हुए महिला स्वास्थ्य जागरूकता के अन्तर्गत इस कार्य के लिए स्थानीय महिला मण्डल, गणगौर और सहयोगी संस्थाओं को साधुवाद सम्प्रेषित किया। महिला मण्डल ...

धन स्वयं ही असुरक्षित हैं: साध्वी श्री स्वर्णप्रभाजी म.सा

स्वाध्याय भवन, साहूकारपेट, चेन्नई मे साध्वी श्री स्वर्णप्रभाजी म.सा व श्री चिन्मयश्रीजी म.सा ने प्रवचन सभा मे कहा कि धन-वैभव सुविधाओं के साधन दे सकते हैं, पर सुरक्षा नही दे सकते हैं | धन स्वयं ही असुरक्षित हैं, धन को खुद लुटे जाने का डर हैं वो सम्पति के मालिक को क्या सुरक्षा दे सकेगा | अगर कोई समझे कि सुख सामग्री मे हैं,संबंधो में हैं, तो यह उसकी भ्रामक धारणा हैं | संसारी व्यक्ति दुःख को दुर्भाग्य समझते हैं,वही साधु दुःख को सौभाग्य समझते हैं, कि दुःख स्वयं ही एक अवसर देते हैं, ऊर्जा देते हैं, पुनः उठने की ताकत का अवसर देते हैं | संसारी दुःख का अर्थ वस्तु का अभाव समझते हैं पर वास्तव मे दुःख कल्यानमित्र रुप हैं | दुःख से घबराए नहीं | दुःख से इतना नुकसान नही होता,जितना दुर्बुद्धि से होता हैं | दुःख से नही,दुर्बुद्धि से बचना चाहिए | दुर्बुद्धि अज्ञानता रुप हैं व अहंकार उत्पन्न करती हैं,जो कि प...

संत मिलन परिवार में समभाव, सांमजस्य से रहने की प्रेरणा देता – मुनि हिमांशुकुमार

साध्वी डॉ गवेषणाश्री एवं मुनि हिमांशुकुमारजी आध्यात्मिक मिलन नार्थटाउन, चेन्नई: मिलन भीतर में अहोभाव पैदा करता हैं, उत्साह उत्पन्न करता है, उमंग बढ़ जाती हैं। मिलन प्रेरणा देने वाला होता है, कि हम भी घर परिवार में उसी तरह समभाव, सांमजस्य से रहे। उपरोक्त विचार महावीर जैन भवन, ट्रिप्लीकेन से विहार कर नार्थटाउन जैन संघ भवन में साध्वी डॉ गवेषणाश्रीजी ठाणा-4 से आध्यात्मिक मिलन के अवसर पर मुनि श्री हिमांशुकुमार ने कहें।  मुनिश्री ने आगे कहा कि हम चारित्रिक आत्माओं का मिलन आध्यात्मिकता का संदेश देता है, तो वहीं इस मिलन के क्षणों के साक्षी बनने वालों के मन में भी प्रसन्नता के भाव भर जाते हैं। मुनिश्री ने चारों साध्वीयों की विरल विशेषताओं का उल्लेख करते हुए श्रावक समाज को प्रेरणा दी कि गुरु कृपा से प्राप्त चेन्नई के आगामी दोनों स्थानों के चातुर्मास में श्रद्धा और समय नियोजन से सेवा आराधना कर अपने आध...

आचार्य श्री तुलसी के 28 वें महाप्रयाण दिवस का आयोजन

आचार्य श्री तुलसी निर्माण के पुरोधा थे – मुनि दीप कुमार तमिलनाडु के तिरुपुर शहर में अणुव्रत प्रवर्तक आचार्य श्री तुलसी के 28वे महाप्रयाण दिवस ‘विसर्जन दिवस’ का आयोजन युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमणजी के शिष्य मुनि श्री दीपकुमारजी ठाणा-2 सानिध्य में तेरापंथी सभा भवन में में मनाया गया।   मुनिश्री दीपकुमारजी ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि आचार्य श्री तुलसी निर्माण के पुरोधा थे। उन्होंने साहित्य का निर्माण किया और साहित्यकारों का भी निर्माण किया। आचार्य तुलसी विराट पुंज थे। उन्होंने अनेकानेक कार्य किये। उनके अवदान आज वरदान बन रहे है। तेरापंथ के आचार्यों में सबसे अल्पायु में वे आचार्य बने। धर्म संघ में ज्ञान, ध्यान की सुर सुरिता प्रवाहित की। साधु-साध्वियों की शिक्षा पर ध्यान दिया और विशेष परिश्रम लगाया। आचार्य तुलसी के जीवन में संघर्ष बहुत आए, सबका साहस के साथ सामना किया...

विशाल व्यक्तित्व, विराट कर्तृत्व के धनी थे जैनाचार्य तुलसी : साध्वी डॉ गवेषणाश्री

28वॉ महाप्रयाण दिवस विसर्जन दिवस के रूप में मनाया गया   Sagevaani.com /नार्थटाउन, चेन्नई: अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मण्डल के तत्वावधान में तेरापंथ महिला मण्डल की आयोजना में नार्थटाउन तेरापंथ परिवार के प्रायोजक्य में साध्वी डॉ गवेषणाश्री ठाणा 4 के सान्निध्य में रविवार को जैन संघ भवन, नार्थटाउन में ‘विसर्जन दिवस’ मनाया गया।  जैनाचार्य अणुव्रत आन्दोलन प्रवर्तक गणाधिपति श्री तुलसी के 28वें महाप्रयाण दिवस, जिसे पूरे देश में विसर्जन दिवस के रूप में मनाया जाता है, उसमें धर्म परिषद् को सम्बोधित करते हुए साध्वी डॉ गवेषणाश्री ने कहा कि मोमबत्ती स्वयं जलकर दूसरों को प्रकाश देनी है, सोना तपकर चमक को प्राप्त होता है, चंदन को घिसने पर खुशबू प्रदान करना है। आचार्य श्री तुलसी का जीवन भी मोमबत्ती, सोना और चंदन के समान था। आचार्य तुलसी ने समयानुकूल व्यक्ति, संघ, समाज विकास के लिए अणुव्रत, प...

आचार्य पूज्यश्री रत्नचंद्रजी म.सा का 179 वां स्मृति दिवस मनाया गया

क्रियोद्वारक परम तेजस्वी कीर्ति निष्पृही बाल ब्रह्मचारी आचार्य पूज्यश्री रत्नचंद्रजी म.सा का 179 वां स्मृति दिवस तप-त्याग पूर्वक गुणगान करते हुए आराधना दिवस के रुप मे श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ, तमिलनाडु के तत्वावधान मे स्वाध्याय भवन साहूकारपेट चेन्नई मे मनाया गया | वरिष्ठ स्वाध्यायी आर वीरेन्द्रजी कांकरिया ने जम्बू चारित्र का वांचन किया | श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ,तमिलनाडु के कार्याध्यक्ष आर नरेन्द्रजी कांकरिया ने राजस्थान के कुड़ ग्राम मे लालचन्द्रजी व हीरादेवीजी के यहां जन्मे बालक रत्नचंद्र के नागौर मे बाल्यकाल,दृढ़ वैराग्य,आचार्य गुमानचन्द्रजी म.सा के सानिध्य व चरित्रमय जीवन का परिचय व पद के प्रति निष्पृहता भाव का वर्णन करते हुए कहा कि पूज्यश्री रत्नचंद्रजी म.सा ने गुरुदेव आचार्य पूज्यश्री गुमानचन्द्रजी म.सा के देवलोकगमन होने के पश्चात संघ द्वारा योग्यता के आधार पर उन्हें आचार...

देह, दिमाग, दिल की शुद्धि से जीवन बनता पवित्र : मुनि हिमांशुकुमार

Sagevaani.com /चेन्नई: हमारे जीवन में तीन प्रकार की शुद्धि होनी चाहिए- देह, दिमाग और दिल। इनकी शुद्धि से जीवन में आनन्द का वास होता है, पवित्रता बढ़ती है। स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन का वास होता हैं- उपरोक्त विचार शनिवारीय प्रवचनमाला में महावीर जैन भवन, ट्रिप्लीकेन, चेन्नई में धर्म परिषद को सम्बोधित करते हुए मुनि श्री हिमांशुकुमार ने कहें।  मुनिश्री ने कहा कि जैनागमों में निर्जरा के बारह प्रकार बतायें गए है, इनकी साधना से तन, मन और भावों की शुद्धि होती है। देह की शुद्धि के लिए तप का सहारा लिया जाना चाहिए। तप से अनेकानेक लाइलाज बीमारीयां भी दूर हो सकती हैं। वर्तमान में डॉक्टर भी कहते हैं कि जलन, ऐसिडिटी, कब्ज इत्यादि होने पर रात्रि भोजन छोड़ना चाहिए। बुखार में लंगन (खाना छोड़ना) करना चाहिए। चातुर्मास्य समय में तपस्या की विशेष साधना करनी चाहिए। अतः तप से देह की शुद्धि हो सकती हैं।  दूसरे बिन्दु प...

Skip to toolbar