Author: saadhak

पुरग्रस्त परिवारांना आकुर्डी जैन श्रावक संघा तर्फे अन्नधान्य व विध्यार्थ्यांना गणवेश व शालेय वस्तुंचे वाटप

आज आकु्र्डी- निगडी-प्राधिकरण जैन श्रावक संघातर्फे शेरी पोस्ट कडा( जिव्हा- बीड) येथे 70 पुरग्रस्त कुटुंबायाना अन्नधन्याचे किट्स जीवनावश्यक वस्तुचे वाटप व विध्यार्थ्यांना शालेय वस्तुंचे वाटप संघाध्यक्ष सुभाषजी ललवाणी यांचे नेत्रुत्वात करण्यात आले. या प्रसंगी श्री संघा तर्फे जवाहरजी मुथा, विजयजी गांधी, नेनसुखजी मांडोत, मोतीलालजी चोरडीया,राजेंन्द्र जी रातडीया , राजेंन्द्र जी छाजेड , नितीन जी छाजेड, प्...

“उत्तराध्ययन श्रुतदेव आराधना प्रारंभ”

आकुर्डी- निगडी- प्राधिकरण श्री संघ के प्रांगण मे गुरुमॉं महाराष्ट्र सौरभ, उपप्रवर्तिनी पु. चंद्रकलाश्री जी म.सा. वाणीके जादुगर पु. स्नेहा़श्री जी म. सा., मधुरकंठी पु. श्रुतप्रज्ञा श्री जी म.सा. के पावन सानिध्यमें उत्तराध्ययन श्रुत आराधना प्रारंभ हुई! ३२ आगमोंकी धर्मयात्रा सजोड राजकुमारजी दिनेशजी खिंवसरा के यहॉंसे प्रारंभ हुई! प्रथम दिवसीय आराधना की प्रभावना के लाभार्थी बने चंद्रकांतजी वंदनाजी छाजे...

भगवान कधीही आदेश देत नाहीत-प.पू.रमणीकमुनीजी म.सा.

जालना: भगवान कधीही आदेश देत नाहीत, आदेश द्यायचे काम अधिकार्‍यांचे असते. म्हणुन ते कधीही आदेश देत नाहीत. तर ते केवळ उपदेश देत असतात. असे वाणीचे जादुगार श्रमण प.पू. रमणीकमुनीजी म.सा. यांनी येथे बोलतांना सांगितले. ते गुरु गणेश सभा मंडपात चार्तुमासानिमित्त आयोजित श्रृत आराधनेच्या अध्यायातील प्रवचनात श्रमणसंघीय सलाहकार, वाणीचे जादुगार प.पू. रमणीकमुनीजी म.सा.बोलत होते. यावेळी विचार पिठावर अन्य साध्वींची...

ज्ञान से होती है – विवेक की प्राप्ति – डा. वरुण मुनि जी

श्री गुजराती जैन संघ, गांधी नगर में चातुर्मास के अवसर पर विराजमान दक्षिण सूर्य ओजस्वी प्रवचनकार डॉ. श्री वरुण मुनि जी ने धार्मिक सभा में उपस्थित श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि महापुरुषों के गुणगान से हमारी आत्मा पवित्र और निर्मल होती है। वरुण मुनि जी ने बताया कि जब हम महापुरुषों की महिमा का गुणगान करते हैं, तो हमारी आत्मा में शुभ भावनाओं का संचार होता है। परमात्मा और महापुरुषों का स्मरण ए...

स्वाध्याय भवन में शरद पूर्णिमा पर्व तप-त्याग पूर्वक मनाया

चेन्नई के बेसिन वाटर वर्क्स स्ट्रीट साहूकारपेट में स्थित स्वाध्याय भवन में शरद पूर्णिमा पर्व जप-तप- त्याग पूर्वक मनाया गया | शरद पूर्णिमा पर्व पर स्वाध्यायी बन्धुवर श्री आर वीरेन्द्रजी कांकरिया इंदरचंदजी कर्णावट आर नरेन्द्रजी कांकरिया दीपकजी श्रीश्रीमाल योगेशजी श्रीश्रीमाल रविंद्रजी बोथरा ने रात्रिकालीन संवर साधना की | पर्व प्रसंग पर प्रभु भक्ति व रायसी प्रतिक्रमण करते हुए सर्व जीव राशि से क्षमाया...

जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा ट्रस्ट बोर्ड साहूकारपेट का वार्षिक साधारण अधिवेशन समायोजित

 आगामी दो वर्षीय कार्यकाल के लिए पन्द्रह ट्रस्टियों का हुआ निर्वाचन चेन्नई : श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा ट्रस्ट बोर्ड साहूकारपेट, चेन्नई का वार्षिक साधारण अधिवेशन प्रबंधन्यासी श्री विमल चिप्पड की अध्यक्षता में तेरापंथ भवन साहूकारपेट की तृतीय मंजिल पर समायोजित हुआ। सामूहिक मंगलाचरण के पश्चात प्रबंधन्यासी श्री विमल चिप्पड ने उपस्थित सदन का स्वागत करते हुए दो वर्ष के कार्यकाल में किए गए आध्यात्मि...

मंजिल पर पोहचणे से पहिले ओ कही ओर पहुच जाते है-प.पू.रमणीकमुनीजी म.सा.

जालना : गाडी कधीही मद्यपान करुन चालवू नका. कारण त्यामुळे अ‍ॅक्सीडेंट होताही होता है। मंजिल पर पोहचणे से पहिले ओ कही ओर पहुच जाते है! इसिलिए मद्यपान करके गाडी कभी मत चलाना, असे वाणीचे जादुगार श्रमण प.पू. रमणीकमुनीजी म.सा. यांनी येथे बोलतांना सांगितले. ते गुरु गणेश सभा मंडपात चार्तुमासानिमित्त आयोजित श्रृत आराधनेच्या अध्यायातील प्रवचनात श्रमणसंघीय सलाहकार, वाणीचे जादुगार प.पू. रमणीकमुनीजी म.सा.बोलत ...

कार्तिक मास — आत्मजागरण और संयम का पर्व: डा. श्री वरुण मुनि जी

श्री गुजराती जैन संघ गांधीनगर में चातुर्मास विराजित दक्षिण सूर्य ओजस्वी प्रवचनकार डॉ श्री वरुण मुनि जी म सा ने मंगलवार को धर्म सभा में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कार्तिक मास के शुभारंभ पर अपने ओजस्वी वचनों से श्रद्धालुओं को धर्म, संयम तथा आत्मकल्याण का संदेश प्रदान किया। मुनि श्री ने अपने उपदेश में कहा कि कार्तिक मास आत्मशुद्धि, साधना और सत्कर्म का श्रेष्ठ काल है। यह मास व्यक्ति को भी...

स्वाध्याय भवन में आश्विन शुक्ल चतुर्दशी पक्खी पर्व तप-त्याग पूर्वक मनाया

चेन्नई के बेसिन वाटर वर्क्स स्ट्रीट साहूकारपेट में स्थित स्वाध्याय भवन में आश्विन शुक्ल चतुर्दशी पक्खी सम्मिलित पर्व जप-तप- त्याग पूर्वक मनाया गया |  पक्खी पाक्षिक पर्व पर स्वाध्यायी बन्धुवर श्री उच्छबराजजी गांग कांतिलालजी तातेड़, श्री ए नवरतनमलजी बागमार ने चार प्रहर के पौषध की साधना की | इस प्रसंग पर स्वाध्यायी श्री बादलचन्दजी बागमार ने देवसीय व नवरतनमलजी बागमार ने रायसी प्रतिक्रमण करवाया | पौषध व...

उपाध्याय पु. पुष्करमुनीजी 116 वाँ जन्मोत्सव एवं पु. जेष्ठमलजी म.सा. का पुण्यस्म्रुति दिन मनाया

भाईंदरः पु. विनयप्रभाजी, डॉ. राजश्री जी,पु. नमिता श्री जी एवं पु.जिनआज्ञाश्री जी के सानिध्यमे अनेक भाविको के उपस्थिती में उपाध्याय श्री पुष्करमुनीजी म.सा. का 116वाँ जन्मोत्सव एवं गुरु पु. जेष्ठमलजी म.सा. का पुण्यस्म्रुती दिन गुणानुवाद एवं जप तप से आध्यात्मिक रुपमे मनाया गया! अनेक संघोसह आकुर्डी निगडी प्राधिकरण श्री संघ के औरसे इस समारोह मे संघाध्यक्ष सुभाष जी ललवाणी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष विजयजी गांधी,...

ये तरंगे इतनी गहरी होना चाहिए की, उसकी कोई सीमा नही-प.पू.रमणीकमुनीजी म.सा.

जालना : आपलं अध्ययन इतकं खोल असलं पाहिजे की, त्याची कोणतीही सीमा नसावी. म्हणूनच उत्तर शोधतांना ती कुठे असतात आणि आम्ही शोधू लागतो दुसरीकडेच, असे वाणीचे जादुगार श्रमण प.पू. रमणीकमुनीजी म.सा. यांनी येथे बोलतांना सांगितले. ते गुरु गणेश सभा मंडपात चार्तुमासानिमित्त आयोजित श्रृत आराधनेच्या अध्यायातील प्रवचनात श्रमणसंघीय सलाहकार, वाणीचे जादुगार प.पू. रमणीकमुनीजी म.सा.बोलत होते. यावेळी विचार पिठावर अन्य ...

पु. युवाचार्य श्री महेंन्द्रऋषिजी म. सा. का 59 वा जन्मोत्सव

पु. युवाचार्य श्री महेंन्द्रऋषिजी म. सा. का 59 वा जन्मोत्सव आध्यात्मिक रुप से आनंदमय उल्हासमय वातावरण मे संप्पन्न! पनवेलःआगमज्ञाता, युवाचार्य प्रवर, पुज्यनीय महेंन्द्रऋषिजी म.सा. का 59 वाँ जन्मोत्सव बड़े उत्साहवर्धक वातावरण में आध्यात्मिक रुप से देश के विभिन्न क्षेत्र से पधारे धर्मअनुरागीयों के उपस्थिती में संप्पन्न हुआ! युवाचार्य भगवंत पु हितेंन्द्र ऋषिजी, धवल ऋषिजी एवं महकऋषिजी संग चातुर्मासार्थ...

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