23 नवम्बर 2025 रविवार स्वाध्याय अनुप्रेक्षा कार्यक्रम में श्रमण संघीय उपाध्याय श्री रमेशमुनिजी म.सा ‘शास्त्री’ के श्रमणाचार विषय अष्ठ प्रवचन माता : स्वरुप और चिन्तन पर वरिष्ठ स्वाध्यायी आर वीरेन्द्रजी कांकरिया द्वारा स्वाध्याय- अनुप्रेक्षा की गई |
वरिष्ठ स्वाध्यायी बन्धुवर वीरेन्द्रजी कांकरिया ने मासिक पत्रिका जिनवाणी में प्रकाशित उपाध्याय श्री रमेशमुनिजी म.सा ‘शास्त्री’ के श्रमणाचार विषय अष्ठ प्रवचन माता : स्वरुप और चिन्तन के अंतर्गत कहा कि मुनि की माता अष्ठ प्रवचन माता हैं | ईर्या समिति के महत्वपूर्ण चार कारण गुरु वन्दन,आहार, विहार एवं निहार व ईर्या की विशुद्धि के चार कारण आलम्बन,काल, मार्ग एवं यतना पर विस्तृत अनुप्रेक्षा की | ईर्या समिति साधक की आत्मा के लिए परम विशुद्धि का कारण हैं |
श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ तमिलनाडु के निवर्तमान कार्याध्यक्ष आर नरेन्द्रजी कांकरिया ने बताया कि उपाध्याय श्री रमेशमुनिजी शास्त्री उपाध्याय श्री पुष्कर मुनिजी के सुशिष्य हैं व सन 1978 में उन्होंने श्री पुष्करमुनिजी की सेवा में साहूकारपेट मिंट स्ट्रीट में स्थित जैन स्थानक में चातुर्मास किया था | उन्होंने स्वाध्यायी बन्धुवर को साधुवाद ज्ञापित करते हुए बताया कि रत्न स्वर्ण महोत्सव के अंतर्गत साप्ताहिक स्वाध्याय अनुप्रेक्षा कार्यक्रम में निरन्तर आर वीरेन्द्रजी कांकरिया द्वारा श्रुत सेवाए दी जा रही हैं | अगले सप्ताह भी उपाध्यायश्री के चिन्तन श्रमणाचार विषय अष्ठ प्रवचन माता : स्वरुप और चिन्तन पर स्वाध्याय अनुप्रेक्षा होगी |
स्वाध्याय- अनुप्रेक्षा कार्यक्रम में वरिष्ठ स्वाध्यायी बन्धुवर श्री नवरतनमलजी चोरडिया बाबू धनपतराजजी सुराणा कांतिलालजी तातेड़ दीपकजी श्रीश्रीमाल जे कमलजी चोरडिया आर महावीरचन्दजी बागमार योगेशजी श्रीश्रीमाल लीलमचन्दजी बागमार वीरेन्द्रजी ओस्तवाल रुपराजजी सेठिया पदमचंद जी श्रीश्रीमाल उच्छबराजजी गांग आर नरेन्द्रजी कांकरिया आदि स्वाध्यायीगण की उपस्थिति रहीं | दीपकजी श्रीश्रीमाल ने चिन्तन संकल्प महावीरचन्दजी बागमार ने जैन संकल्प योगेशजी श्रीश्रीमाल ने प्रत्याख्यान व बाबू धनपतराज जी सुराणा ने मांगलिक सुनाई |
प्रेषक : स्वाध्याय भवन 24/25 बेसिन वाटर वर्क्स स्ट्रीट साहूकारपेट चेन्नई |