Share This Post

Featured News / Featured Slider / ज्ञान वाणी

वचनबद्धता से चस्क्रवर्ती राजा पद्मनाभ ने कुछ समय के लिए अपना शासन नमुचि प्रधान को सौंपा : साध्वीश्री प्रतिभाश्री जी म सा

वचनबद्धता से चस्क्रवर्ती राजा पद्मनाभ ने कुछ समय के लिए अपना शासन नमुचि प्रधान को सौंपा : साध्वीश्री प्रतिभाश्री जी म सा

विजयनगर स्थानक भवन में विताजित साध्वीश्री प्रतिभाश्री जी म सा ने रक्षाबंधन के त्योहार के बारे में बताते हुए कहा कि वैसे तो लौकिक त्योहार के रूप में यह भाई बहिन के पवित्र रिश्ते का त्योहार माना जाता है।जिसमे बहना अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर भगवान से भाई की लंबी उम्र व रक्षा हेतु प्रार्थना करती है।वहीं भाई अपनी बहिन खुशी हेतु हर सम्भव उसकी रक्षा व सहायता का प्रण करता है। लेकिन रक्षा बंधन का जैन धर्म के अनुसार भी इसका महत्व व विवेचन आता है। साध्वीश्री ने बताया कि वचनबद्धता से चस्क्रवर्ती राजा पद्मनाभ ने कुछ समय के लिए अपना शासन नमुचि प्रधान को सौंपा।पर नामुचिप्रधान ने धन एवं मद में चूर होकर निर्पराधियों पर अत्याचार एवं उत्पीड़न करने लग गया।तब सुमेर पर्वत पर ध्यानस्त विष्णुकुमार मुनि पवन वेग से वँहा पहुँचकर तीन कदम जमीन मांगकरके विराट रूप लेकर एज ही कदम में सम्पूर्ण धरती को नाप लिया,तब नामुचिप्रधान उनके चरणो में अपने अपराध की क्षमा मांगी तो मुनि ने जिनशासन की विजयवेजयंति को अक्षुण्ण रखते हुए क्षमा कर दिया।तब से जैन धर्म मे रक्षा बंधन को मनाया जाता है।

साध्वीश्री प्रेक्षाश्रीजी ने मेवाड़ भूषण पूज्य गुरुदेव गौतममुनि के गुरु यानी दिवाकर सम्प्रदाय के दादा गुरु अत्यंत सरल स्वभावी,आगम वाचक,ज्योतिषकार,वचन सिद्ध महापुरुष पूज्य गुरुदेव श्रीचम्पा लाल जी म सा का पुण्य स्मृति दिवस पर उनके गुणगान कर हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित की। संघ के मंत्री कन्हैया लाल सुराणा ने उनका जीवन परिचय कराते हुए आगामी कार्यक्रमो की रूपरेखा प्रस्तुत की तथा आज जैनकांफ्रेस की युवाशाखा द्ववारा आजादी के अमृत महोत्सव को हर देशप्रेमी द्ववारा मनाये जाने हेतु देश के प्रधानमंत्री जी के अभियान हर घर तिरंगा को सफल बनाने के लिए सभी स्थानकों में राष्ट्रध्वज का वितरण करने हेतु आज पूरी टीम ने विजयनगर से शुभारंभ किया। सभी आगन्तुको का संघ के अध्यक्ष राजेन्द्र कुमार कोठारी ने स्वागत किया।मंत्री ने धन्यवाद देते हुए सभी का आभार प्रकट किया।

Share This Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>

Skip to toolbar