4 सितंबर अशोक नगर स्थानकवासी जैंन समाज के आध्यात्मिक पयूषण महापर्व के अष्टदिवसीय आयोजन अर्तगत प्रथम दिवस शनिवार को प्रवर्तक सुकनमुनि महाराज ने विज्ञान समिति मे सैकड़ों श्रध्दालुओं को सम्बोधित करतें हुयें कहां कि मानव के मोक्ष मार्ग की प्रथम सिंढ़ी है पर्वाधिराज पयूषण महापर्व। जैन धर्म मे इस त्यौहार का काफी महत्व है। भगवान महावीर स्वामी के मूल सिंद्धात अहिंसा परमो धर्म, जिओ और जिने दो की राह बताता है पयूषण पर्व।
अहिंसा के मार्ग को अपनाने वाला प्राणी शास्वत सुख के साथ अपनी आत्मा के बंधे कर्मो के बंधनो को तोड़कर मोक्ष पा सकता है। इस दौरान उपप्रवर्तक अमृतमुनि महेशमुनि, हरीश मुनि, हितेश मुनि व अखिलेश मुनि, डॉक्टर वरूण मुनि आदि ने संतों ने कहां कि जिन धर्म मे हिंसा का कौई स्थान नहीं है। तप त्याग के साथ किसी भी अवस्था मे तन मन कर्म वचन और वाणी से किसी प्राणी की हिंसा न करना ही अहिंसा होगी !
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