संघ अंतर्गत कार्यरत ॲक्टिव्ह महिला ग्रुप द्वारा भावना
आकुर्डी- निगडी- प्राधिकरण जैन श्रावक संघ के प्रांगण मे चातुरमासार्थ विराजीत महाराष्ट्र सौरभ, उप्रवर्तिनी पुज्यनीय चंद्रकला श्री जी महाराज साहेब, वाणीकी जादुगर श्री स्नेहाश्री जी महाराज साहेब, मधुरकंठी श्री श्रुतप्रज्ञाश्री जी महाराज साहेब आदि ठाणा 3 के पावन निश्रामे आज गणधर तप आराधक 27 तपस्वीयोंका सन्मान चातुर्मास समितीके स्वागत अध्यक्ष श्रीमान मोतीलालजी एवं शारदाबाई चोरडीया, देवेंन्द्रजी एवं नंदाजी लुंकड़, संघाध्यक्ष सुभाषजी एवं कांताजी ललवाणी, तथा जैन कॉन्फ़्रेंस दिल्ली के भवन निर्माण के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्राध्यापक अशोकजी पगारिया के करकमलोद्वारा संप्पन्न हुये!
एक्टिव ग्रुप के महिला समुह द्वारा पल्लवी नहार, सोनल सोनी, सारिका ओस्तवाल, मनिषा जैन द्वारा आयोजित भावा के कार्यक्रम में भारत के विविध राज्यों के संस्क्रुति का दर्शन स्तवन उद बोधन के माघ्यमसे प्रेषित किया ! महाराष्ट्र गुजरात, राजस्थान, पंजाब , बंगाल इन राज्योकी वेषभुषा कर ३० बहुओंने प्रस्तुति की! संघाध्यक्ष सुभाषजी ललवाणी ने उपस्थित धर्मअनुरागीयोंका एवं तप आराधकोका स्वागत कर उनके प्रति अनुमोदना एवं ऋण निर्देष किया! उपाध्यक्षा शारदा चोरडीया ने कार्यक्रम की प्रस्तावना रंख मंच संचलन किया!
इस सुंदर समारोह की बढ़ी हुई गरिमा को ध्यान मे रँखते हुये नवचैतन्य सामाजिक संस्था की मुख्य संचालिका ने तपगंगोत्री , आयंबील आराधिका श्रीमती मिराबाई लुणिया को “ तपषिरोमंणी” और संघाध्यक्ष, ज्येष्ठ समाज सेवी सुभाष जी ललवांणी को “ खान्देश- शिरोमणी” इस उपाधीसे ३ अगस्तको शाकाहार प्रणेता डॉ. कल्यांणजी गंगवाल जी के करकमलोद्वारा सन्मानीत किये जानेकी घोषणा की! प्राध्यापक पगारियाजीने सभी तपस्वी आत्माओंकी अनुमोदना कर चातुर्मास के प्रारंभ मेही आयोजित इस भव्य समारोह की सराहना करते हुये श्री संघके अध्यक्ष एवं पदाधिकीरीयोंको बधाई दी !
आयंबील तप आराधिका मिराबाई लुणिया एवं गंधर्व तप आराधकप्रियांका बोथरा, संगीता मुनोत, शारदा चोरडिया, साधना खिंवसरा, ज्योती खिंवसरा, माधुरी भन्साळी, स्मिता रांका, गुलाब बाई मुथा, सीमा भन्साळी, अरुणाबाई बोरा, अनिता नहार, प्रतिभा मुनोत, कमलबाई कांकरिया , नीता कोठारी, अनिता बाबेल, दीपा जैन, नीता गांधी, प्रिया फिरोदिया, मंजू संचेती, रेश्मा मुथियान, सरला गांधी, नीता ओस्तवाल, सारिका ओस्तवाल, ज्योती भळगट, विजया कर्नावट, अनिता बाबेल सुभाष मुथा आदि को नवाज़ा गया!
इस प्रसंग पर समाज के अग्रेणी, संघ के विश्वस्त विजयजी गांधी, जवाहर जी मुथा, सुर्यकांतजी मुथीयान, मोतीलालजी चोरडीया, नेनसुखजी मांडोत, राजेंन्द्रजी छाजेड, धनराजजी छाजेड, देवेंन्द्र जी लुंकड, पोपटलालजी कर्नावट, मदनलालजी कोचर, श्रीकांतजी नहार, हिरालालजी लुणावत, सचिनजी गांधी, राजेन्द्रजी कटारिया, शारदा जी चोरडीया, ज्योतीजी खिंवसरा, नितिन जी छाजेड, राजेनंद्रजी खिंवसरा, प्रकाश जी मुनोत आदि विश्वस्त एवं अजित कर्नावट, जयकुमार ओस्तवाल, साधना खिंवसरा, राखी लोढा, मिलन नहार, शकुंतला जी दुगड, मंगल जी नहार, साधना हरने आदि सेवाभावी सन्माननीय सदस्य उपस्थित थे! साध्वी श्रुतप्रज्ञाश्री जी म. सा. ने चौविस तिर्थंकर का सामुहिक जाप करवा कर प्रत्याख्यान करवाये और मंगलपाठ दिया!






