3 मई 2026 रविवार को चेन्नई साहूकारपेट के बेसिन वाटर स्ट्रीट में स्थित स्वाध्याय भवन में स्वाध्याय अनुप्रेक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत वरिष्ठ स्वाध्यायी वीरेन्द्र कांकरिया ने संघ की मुख्य पत्रिका जिनवाणी के अप्रैल 2026 के अंक में प्रकाशित मधुर व्याख्यानी श्रदेय श्री गौतममुनिजी म. सा के प्रवचन तत्व-श्रद्धान से जीवन का निर्माण पर स्वाध्याय अनुप्रेक्षा करते हुए कहा कि अनुभवी संतो की वाणी हैं,तत्त्वार्थ श्रद्धानँ सम्यग्दर्शनम् | आचार्य भगवन्त पूज्यश्री हीराचंद्र जी म. सा के आज्ञानुवर्ती मधुर व्याख्यानी श्री गौतममुनिजी म.सा प्रवचन में फरमाते हैं कि तत्वों पर दृढ़ श्रद्धा करना सम्यग्दर्शन है | तत्व-श्रद्धान से जीवन का निर्माण होता हैं | आत्मा,ज्ञाता-द्रष्टा स्वभावी हैं | हमें चिन्तन करना चाहिए कि मेरे भीतर अनन्त ज्ञान,दर्शन,चरित्र तप रुपी चतुष्टय गुण है | स्वाध्यायी बन्धुवर ने प्रवचन की महत्वत्ता में उल्लेख किया कि सम्यग्दर्शन को प्राप्त करने के बाद उसे टिकाए रखना अत्यधिक कठिन होता है | श्रेणिक महाराज ने भी सनाथ- अनाथ के भेद को समझकर नव तत्वों पर श्रद्धा करते हुए अपने जीवन का निर्माण किया |
श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ से आर नरेन्द्रजी कांकरिया ने स्वाध्याय सेवा प्रदान करने हेतु स्वाध्यायी बन्धुवर व स्वाध्याय अनुप्रेक्षा कार्यक्रम में पधारने हेतु उपस्थित स्वाध्यायीगण को साधुवाद ज्ञापित किया |
रविवारीय नैतिक व धार्मिक विंग्स टू फ्लाई शिविर के शिविरार्थी बालक हितेनजी कोठारी ने जीवन संकल्प सूत्र,वरिष्ठ स्वाध्यायी नवरतनमलजी चोरडिया ने तीन मनोरथ चिन्तन व युवा स्वाध्यायी योगेशजी श्रीश्रीमाल ने प्रत्याख्यान कराये | श्रावक संघ के उपाध्यक्ष स्वाध्यायी बन्धुवर श्री गौतमचन्दजी मुणोत ने गुरु सुखसाता पाठ से पृच्छा की | वीरपिता-वीरपति श्री बाबू धनपतराजजी सुराणा ने मंगल पाठ किया |
धर्मसभा में श्रीमती रक्षाजी कांकरिया महावीरचन्दजी छाजेड़ इंदरचंदजी कर्णावट, कमलजी चोरडिया, लीलमचन्दजी बागमार, उच्छबराजजी गांग सहित अनेक श्रदालुओं की सामायिक परिवेश में प्रमोदजन्य उपस्थिति रही |
तीर्थंकरों, महापुरुषों,आचार्य भगवन्तो,उपाध्याय प्रवर, भावी आचार्यश्री, साध्वीप्रमुखा,चरित्र आत्माओं की जयजयकार संग स्वाध्याय-अनुप्रेक्षा कार्यक्रम सुसंपन्न हुआ |