किलपाॅक में चातुर्मासार्थ विराजित आचार्य तीर्थ भद्रसूरिश्वर ने कहा संसार एक बंधन है । आज बंधन किसी को भी नहीं चाहिए, सब स्वतंत्र रहना चाहते है । बंधन में रहने क...
अगर संगत से ही तमाम खूबियाँ आ जातीं तो गन्ने के साथ साथ उगने वाले पौधों में रस क्यों नहीं होता …. ?? सिर्फ अच्छी संगत करने से ही कोई विद्वान अथवा साधु नह...