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जिनवाणी श्रवण, चिंतन व अनुशरण से ही जीवन सार्थक: साध्वी कंचनकंवर

कल महाविदेह क्षेत्र की भावयात्रा होगी चेन्नई. पुरुषवाक्कम स्थित एएमकेएम मेमोरियल सेन्टर में विराजित साध्वी कंचनकंवर के सान्निध्य में साध्वी डॉ. सुप्रभा ने कहा भ...

साधना का लक्ष्य वीतरागता को प्राप्त करना: कपिल मुनि

चेन्नई. विरुगमबाक्कम स्थित एमएपी भवन में विराजित कपिल मुनि ने कहा संसार में व्यक्ति जिस जीवन का ताना बाना बुन रहा है उस जिन्दगी का एक एक कदम चुनौतीपूर्ण है। जीव...

कर्म मनुष्य की परछाई की तरह: साध्वी सुमित्रा

चेन्नई. कोडमबाक्कम-वड़पलनी जैन भवन में विराजित साध्वी सुमित्रा ने गुरुवार को कहा कि मनुष्य को सुख और दुख उसके कर्मों के हिसाब से ही मिलता है। जिस प्रकार से मनुष...

बुराईयों व कुसंस्कारों का त्याग कर धर्म आराधना में लगें : डॉ. वसंतविजयजी म.सा.

इंदौर। कृष्णगिरी शक्ति पीठाधिपति, राष्ट्रसंत, गुरुदेव डॉ. वसंतविजयजी म.सा ने गुरुवार को कहा कि जीवन में बुराईयों व कुसंस्कारों का त्याग कर धर्म आराधना करनी चाहि...

मोह को क्षीण करना सबसे बड़ी साधना: परम साधक आचार्यश्री महाश्रमण 

आचार्यश्री ने स्वाध्याय और साधना के द्वारा मोह को कम करने की दी पावन प्रेरणा  कुम्बलगोडु, बेंगलुरु (कर्नाटक): दक्कन के पठारी भाग में स्थित कर्नाटक की राजधानी बे...

चातुर्मासिक प्रवचन की अमृतधारा  बहा रहे वीरेन्द्रमुनिजी

वर्धमान स्थानकवासी जैन संघ सेलम के महावीर भवन में जैन दिवाकर श्री चौथमलजी म सा के प्रपौत्र शिष्य एवं तरुण तपस्वी श्री विमलमुनिजी म सा के सुशिष्य वीरेन्द्रमुनिजी...

पूर्वभव के अच्छे कर्मों से मिला है जिनशासन: साध्वी कंचनकंवर

चेन्नई. पुरुषवाक्कम स्थित एएमकेएम मेमोरियल सेन्टर में विराजित साध्वी कंचनकंवर के सान्निध्य में साध्वी डॉ.सुप्रभा ‘सुधा’ ने गुरुवार को आत्मा के तीन प्रकार बताए ब...

कम अपेक्षा रखने से जीवन आनंदमय: साध्वी साक्षी ज्योति

चेन्नई. न्यू वाशरमैनपेट स्थित जैन स्थानक में साध्वी साक्षी ज्योति ने कहा दूसरों से अपेक्षा कम रखें। अपेक्षा एक बीमारी है जिससे हर कोई ग्रसित है। पिता अपने बेटे ...

प्रेम का द्वार वहीं खुलेगा जहां अहंकार नहीं: आचार्य तीर्थ भद्रसूरीश्वर

चेन्नई. किलपॉक में चातुर्मासार्थ विराजित आचार्य तीर्थ भद्रसूरीश्वर कहा धर्म के मूल में अहिंसा है। यद्यपि सब धर्मों ने अहिंसा को प्रधानता दी है लेकिन जैन धर्म मे...

शांत व्यक्ति ही शांति प्राप्त कर सकता है: जयधुरंधर मुनि

चेन्नई. वेपेरी स्थित जयवाटिका मरलेचा गार्डन में जयधुरंधर मुनि ने कहा आज हर इंसान शांति चाहता है परंतु शांति उसे ही प्राप्त हो सकती है जिसका स्वभाव शांत हो। बाह्...

अजीव को छोड़ें जीव आत्मा को पहचानें: साध्वी सिद्धिसुधा

चेन्नई. साहुकारपेट के जैन भवन में विराजित साध्वी सिद्धिसुधा ने गुरुवार को कहा कि जब तक मनुष्य का पुण्य साथ देता है तब तक उसके पापकर्म छिपे रहते हैं लेकिन पाप का...

आलोचनाओं को सुनकर हम अपने संकल्पों को अधूरा न छोड़े: साध्वी मुदित प्रभाजी

किलपाक विराजित साध्वी मुदित प्रभाजी ने आज के प्रवचन में कहा कि पूरी दिनचर्या में हम ठीक है सूत्र को अपनाएं तो किसी भी परिस्थिति में हम अपने कषायो को जागृत ना हो...

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