Standard Category

राजेंद्र परिषद बेंगलूरु ने मनाया करुणा दिवस

बेंगलूरु। अखिल भारतीय श्री राजेंद्र जैन नवयुवक परिषद की बेंगलूरु शाखा द्वारा साध्वीश्री सूर्योदयाश्रीजी की पावन प्रेरणा से करुणा दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर...

न पाप करें, न ही पापी की अनुमोदना करें: साध्वीश्री डाॅ.कुमुदलताजी

मासक्षमण करने वाले तपस्वीवृंद का किया अभिनंदन, मेजर जनरल राजपुरोहित व अभिनेत्री सिमरन ने लिया मांगलिक बेंगलूरु। विश्वविख्यात अनुष्ठान आराधिका एवं शासनसिंहनी साध...

सुख में फूले नहीं दुख में धर्म को भूले नहीं: जयधुरंधर मुनि

वेपेरी स्थित जय वाटिका मरलेचा गार्डन में विराजित जयधुरंधर मुनि ने कहा विषमता से समता की ओर कदम बढ़ाने चाहिए। विषमताओं का मूल कारण इंद्रियों के विषय के प्रति होन...

महारूद्राभिषेक के लिए उमड़े शिव भक्त

कोयम्बत्तूर.श्रावण मास के आखिरी रविवार को राजस्थानी संघ भवन में महारुद्राभिषेक का आयोजन किया गया। आरएस पुरम स्थित संघ भवन में दोपहर से पहले ही रूद्राभिषेक के लि...

कर्मों का फल तो भुगतना ही पडेगा: साध्वी डॉ.सुप्रभा

चेन्नई. पुरुषवाक्कम स्थित एएमकेएम में विराजित साध्वी कंचनकंवर के सानिध्य में साध्वी डॉ.सुप्रभा ने कहा कर्म और आत्मा में आत्मा अधिक शक्तिशाली है लेकिन शरीर और कर...

विकार का स्वयं जिम्मेदार है व्यक्ति: आचार्यश्री महाश्रमण

कुम्बलगोडु, बेंगलुरु (कर्नाटक): बेंगलुरु महानगर में वर्ष 2019 का चतुर्मास कर रहे जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के ग्यारहवें अनुशास्ता महातपस्वी आचार्यश्री महाश...

सम्यक दर्शन की यात्रा में वंदना का महत्व है : उपाध्याय श्री प्रवीणऋषिजी

बेंगलूरु। यहां गणेश बाग में चातुर्मासार्थ विराजित उपाध्याय प्रवरश्री प्रवीणऋषिजी म. सा. ने प्रवचंन के माध्यम से सम्यक दर्शन की यात्रा में वंदना का महत्व बताते ह...

कर्मों का फल तो भुगतना ही पडेगा: साध्वी डॉ.सुप्रभा

चेन्नई. पुरुषवाक्कम स्थित एएमकेएम में विराजित साध्वी कंचनकंवर के सानिध्य में साध्वी डॉ.सुप्रभा ने कहा कर्म और आत्मा में आत्मा अधिक शक्तिशाली है लेकिन शरीर और कर...

अहिंसा के मार्ग को अपनाएं: साध्वी सुमित्रा

चेन्नई. कोडमबाक्कम-वड़पलनी जैन भवन में विराजित साध्वी सुमित्रा ने कहा परमात्मा ने अहिंसा परमोधर्म का मार्ग बतलाया है। उस मार्ग पर चल कर हिंसा से दूर हो जाना चाह...

आभ्यंतर संस्कार का त्याग ही सच्ची साधना: आचार्य तीर्थभद्र सूरीश्वर

चेन्नई. किलपॉक में विराजित आचार्य तीर्थभद्र सूरीश्वर ने कहा इस भव में अकेले आए हैं और अकेले जाएंगे। कर्म भी अकेले ही भोगना है। कोई चीज स्थायी रुप से साथ नहीं रह...

तप भारतीय संस्कृति का प्राण: साध्वी साक्षीज्योति

चेन्नई. न्यू वाशरमैनपेट जैन स्थानक में विराजित साध्वी साक्षीज्योति ने कहा तप भारतीय संस्कृति का प्राण है। हर धर्म में तप करने की अलग-अलग विधि है। लोग अपनी परंपर...

दया धर्म का मूल है: जयधुरंधर मुनि

वेपेरी स्थित जय वाटिका मरलेचा गार्डन में विराजित जयधुरंधर मुनि ने श्रावक के दसवें गुण दयालुता का वर्णन करते हुए कहा दूसरों के दुख में दुखी होना ही सच्ची दया है ...

Skip to toolbar