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जिनवाणी सुनकर जागरूक होने का प्रयास करें: साध्वी सिद्धिसुधा

चेन्नई. साहुकारपेट स्थित जैन भवन में विराजित साध्वी सिद्धिसुधा ने कहा जैसे ही सांस की लड़ी टूटेगी शरीर मिट्टी में मिल जाएगा। शरीर की सुंदरता एक पल में खत्म हो ज...

अपना अवलोकन स्वयं करें: साध्वी मुदितप्रभा

चेन्नई. किलपॉक स्थित कांकरिया भवन में साध्वी मुदितप्रभा ने कहा एक दूसरे से ईष्र्या भाव मानव को नीचे गिरा देता है। संसार, धार्मिक, सामाजिक, आध्यात्मिक कोई भी क्ष...

परमात्मा अचिंत्य शक्ति: आचार्य तीर्थभद्र सूरीश्सवर

किलपॉक में चातुर्मासार्थ विराजित आचार्य तीर्थभद्र सूरीश्सवर ने कहा परमात्मा अचिंत्य शक्ति है। यह वह शक्ति है जिसके बारे में हम कल्पना भी नहीं कर सकते। परमात्मा ...

नवकार महामंत्र समस्त पापों का नाशक: साध्वीवृंद कंचनकंवर

चेन्नई. पुरुषवाक्कम स्थित एएमकेएम में विराजित साध्वीवृंद कंचनकंवर, डॉ. सुप्रभा व डॉ. हेमप्रभा के सानिध्य में साध्वी उमरावकंवर ‘अर्चना का 18वें जन्मोत्सव क...

अच्छा मिलने पर अहंकार न करें: साध्वी साक्षीज्योति

चेन्नई. न्यू वाशरमैनपेट स्थित जैन स्थानक में विराजित साध्वी साक्षीज्योति ने कहा यदि अच्छा मिले तो फूल कर कुप्पा न बनें एवं न ही खुशी झूम और खराब मिले तो घुटनों ...

सम्यक दशैन से प्राप्त होता है सम्यक ज्ञान: जयतिलक मुनि

चेन्नई. दिंडीवनम में विराजित जयतिलक मुनि ने कहा कि किसी भी काम को करने के लिए ज्ञान होना चाहिए। ज्ञान के बिना काम नहीं हो सकता। ज्ञान की प्राप्ति दर्शन से होती ...

आत्म शुद्धि का साधन है धर्म: शांतिदूत आचार्यश्री महाश्रमण

सम्बोधि’ प्रवचनमाला के अंतर्गत आचार्यश्री ने की धर्म और अधर्म की व्याख्या कुम्बलगोडु, बेंगलुरु (कर्नाटक): जन-जन को सद्भावना, नैतिकता और नशामुक्ति का संदेश देने ...

राग और द्वेष संसार परिभ्रमण का मूल कारण है: जयधुरंधर मुनि

वेपेरी स्थित जय वाटिका मरलेचा गार्डन में विराजित जयधुरंधर मुनि ने कहा राग और द्वेष संसार परिभ्रमण का मूल कारण है। राग द्वेष रूपी बीज से ही कर्म रूपी वृक्ष उत्पन...

हर कार्य पूर्ण निष्ठा और लगन से करेंगे तो सफलता निश्चित मिलेगी : डॉ वसन्तविजयजी म.सा.

इंदौर। राष्ट्रसंत डॉ वसन्तविजय जी म.सा. ने कहा कि प्राणी को हर कार्य पूर्ण निष्ठा और लगन से करना चाहिए तभी वह सफलता के मार्ग पर आसानी से पहुंच पायेगा। गुरुवार क...

उत्कृष्ट भावना बाले होते हैं महान: साध्वी सुमित्रा

चेन्नई. कोडमबाक्कम-वड़पलनी जैन भवन में विराजित साध्वी सुमित्रा ने कहा मनुष्य की राग द्वेष की भावना ही उसके भवों का नाश कर रही है। सुद्ध भाव से मनुष्य अपने जन्म ...

क्षमा क्रोध की रामबाण: आचार्य मुक्तिप्रभ सूरीश्वर

चेन्नई. रायपुरम स्थित सुमतिनाथ भवन में विराजित आचार्य मुक्तिप्रभ सूरीश्वर की निश्रा में विनीतप्रभ सूरीश्वर ने कहा जिस प्रकार एक दिन बुखार आने से कई माह की शक्ति...

हमेशा संतुष्टि का भाव रखें: साध्वी साक्षीज्योति

चेन्नई. न्यू वाशरमैनपेट स्थित जैन स्थानक में विराजित साध्वी साक्षीज्योति ने कहा तृष्णा को ऐसा वरदान मिला हुआ है कि वह जिस दिल में बैठ जाती है कभी खत्म ही नहीं ह...

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