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सुपात्रदान से शुभकर्म के साथ होती है कर्मों की निर्जरा: साध्वी डॉ.सुप्रभा

चेन्नई. 04 सितम्बर को पुरुषवाक्कम स्थित एएमकेएम में विराजित महासती उमराव ‘अर्चनाÓ सुशिष्याएं साध्वी कंचनकंवर व साध्वी डॉ.सुप्रभा ‘सुधाÓ के सानिध्य म...

मोक्ष पाने के लिए कर्मों से मुक्ति आवश्यक : आचार्यश्री महाश्रमण

तेरापंथ धर्मसंघ के एकादशम अधिशास्ता शांतिदूत अहिंसा यात्रा के प्रणेता-महातपस्वी आचार्यश्री महाश्रमण जी में अपने मंगल पाथेय में फरमाया कि कर्मों का विपाक होता है...

‘जय पद्मावती माता’ नाटक की अलौकिक प्रस्तुति ने किया भाव विभोर

राष्ट्रसंत डॉ वसंतविजयजी म.सा.की निश्रा में श्रीजी वाटिका में नवरात्रि महामहोत्सव की संस्कारमय भक्ति जारी  इंदौर। शहर के फूटी कोठी स्थित श्रीजी वाटिका में श्री ...

संयमित वाणी का उपयोग करे : देवेंद्रसागरसूरीजी

बेंगलुरु। जीवन में वाणी का बहुत महत्व है। वाणी में अमृत भी है और विष भी, मिठास भी और कड़वापन भी। सुनते ही सामने वाला आग बबूला हो जाए और यदि वाणी में शालीनता है, ...

कल की चिंता को छोड़े: साध्वी सुमित्रा

चेन्नई. कोडमबाक्कम-वड़पलनी जैन भवन में विराजित साध्वी सुमित्रा के सानिध्य में हो रहे पैसठिया अनुष्ठान में लोगो ने शुक्रवार को शुक्र जाप किया। सुमित्रा ने कहा कि...

आत्मा को शिक्षित करते हैं श्रावक के व्रत: जयधुरंधर मुनि

नवपद ओली तप आराधना 5 अक्टूबर से जयमल जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में जय वाटिका मरलेचा गार्डन में श्रावक के 12 व्रतों के शिविर के दौरान नवें व्रत का विवेचन करते ...

स्वयं का कार्य स्वयं कर करें पुरुषार्थ: साध्वी सिद्धिसुधा

चेन्नई. साहुकारपेट स्थित जैन भवन में विराजित साध्वी सिद्धिसुधा के सानिध्य में चल रहे नवग्रह शांति जाप में शुक्रवार को शुक्र जाप हुआ। साध्वी सुविधि ने ठाणाग सूत्...

धर्म सिद्धि के पांच लक्षण होते हैं: आचार्य तीर्थ भद्रसूरिश्वर

किलपाॅक में विराजित आचार्य तीर्थ भद्रसूरिश्वर के शिष्य मुनि तीर्थ हंसविजय ने कल प्रवचन में कहा धर्म सिद्धि के पांच लक्षण होते हैं औदार्यम्, दाक्षिण्य, पाप की जु...

तात्कालिक से त्रैकालिक सत्य धर्म में आएं: डॉ.सुप्रभा

 चेन्नई. पुरुषवाक्कम स्थित एएमकेएम में विराजित साध्वीवृंद कंचनकंवर व डॉ.सुप्रभा के सानिध्य में साध्वी डॉ.इमितप्रभा ने कहा कि धर्म के दो प्रकार हैं- एक रियल और द...

दुख का मूल कारण मिथ्यात्व परिग्रह है: साध्वी सिद्धिसुधा

विचारो का आदान प्रदान सोच समझ कर करे   चेन्नई. साहुकारपेट स्थित जैन भवन में विराजित साध्वी सिद्धिसुधा के सानिध्य में नवग्रह शांति जाप के तहत गुरुवार को गुरु जाप...

जीवों के प्रति सम्यक् व्यवहार श्रेष्ठ धर्म है: आचार्य तीर्थ भद्रसूरिश्वर

किलपाॅक में विराजित आचार्य तीर्थ भद्रसूरिश्वर ने कहा जीवों के प्रति सम्यक् व्यवहार श्रेष्ठ धर्म है। जगत के सभी जीवों के प्रति प्रेम व मैत्री की भावना होनी चाहिए...

शुभ-अशुभ कर्मों के अनुसार होता है पुण्य-पाप का बंध : आचार्यश्री महाश्रमण

तेरापंथ धर्मसंघ के एकादशम अधिशास्ता-शांतिदूत-अहिंसा यात्रा के प्रणेता-महातपस्वी आचार्यश्री महाश्रमण जी में अपने मंगल पाथेय में फरमाते हुए कहा कि जीव के शुभ और अ...

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