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मनुष्य जीवन क्षणभंगुर है, समयमात्र भी प्रमाद न करें: साध्वी डॉ.सुप्रभा

चेन्नई. एएमकेएम में विराजित साध्वी कंचनकुंवर व साध्वी डॉ.सुप्रभा ‘सुधाÓ के सानिध्य में साध्वी डॉ.हेमप्रभा ‘हिमांशुÓ ने भगवान महावीर की अंतिम देशना उ...

इंद्रिय सुख की अपेक्षा आत्मिक सुख की ओर बढ़े : आचार्यश्री महाश्रमण

तेरापंथ धर्मसंघ के 11वें अधिशास्ता महातपस्वी युग प्रणेता आचार्य श्री महाश्रमणजी ने महाश्रमण समवशरण से अपने पावन पाथेय में फरमाया कि सुख दो प्रकार के होते हैं। प...

मोक्ष को पाना है तो पद्म बनना पड़ेगा

24 तीर्थंकर पर आधारित अपनी प्रवचन माला के अंतर्गत पूज्यश्री सौम्यदर्शन जी म.सा. ने छ्ठे तीर्थंकर पद्म प्रभु जी के बारे में फ़रमाया की जब प्रभु रानीमाता के गर्भ म...

धार्मिक संस्कार जीवन भर की पूंजी होते हैं : डॉ वसंतविजयजी म.सा. 

राष्ट्रसंत का श्रीजी वाटिका में प्रवचन, 16 अक्टूबर को करेंगे कृष्णगिरी के लिए विहार इंदौर। तमिलनाडु प्रान्त के विश्वविख्यात श्रीपार्श्व पद्मावती शक्तिपीठ तीर्थध...

अक्कीपेट में वरदायिनी माँ शारदा का जपाराधन 13 को, आचार्यश्री लोकेशमुनि पहुंचे

बेंगलुरु। आचार्यश्री देवेंद्रसागरसूरीश्वरजी ने शनिवार को यहां अक्कीपेट संघ के तत्वावधान में अपने प्रवचन ने नवपद की महिमा का गुणगान करते हुए कहा कि चैत्र में नवप...

संयोगों में आसक्ति अज्ञानता की निशानी है :कपिल मुनि

चेन्नई :यहाँ विरुगमबाक्कम  स्थित  एमएपी भवन में विराजित क्रांतिकारी संत श्री कपिल मुनि जी म.सा. ने शनिवार को आयोजित 21 दिवसीय श्रुतज्ञान गंगा महोत्सव में भगवान ...

पुण्य के प्रभाव से पग – पग पर ॠद्धि , सिद्धि और नवनिधि प्राप्त होती है: जयकलश मुनि

श्री जयमल जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में वेपेरी स्थित जय वाटिका मरलेचा गार्डन में जयधुरंधर मुनि के सानिध्य में जारी नवपद ओली आराधना के अंतर्गत श्रीपाल चरित्र क...

भाव पर भविष्य निर्भर: साध्वी सुमित्रा

चेन्नई. कोडमबाक्कम-वड़पलनी जैन भवन में विराजित साध्वी सुमित्रा ने कहा उत्राध्यान सूत्र की पावन देशना के श्रवण करने से पहले मनुष्य को अपने भाव सुद्ध कर लेने चाहि...

जिनवाणी सुने और जीवन मे उतारे: साध्वी सिद्धिसुधा

सिद्धिसुधा का जन्म दिन मनाया चेन्नई. साहुकारपेट के जैन भवन में विराजित साध्वी सिद्धिसुधा का शनिवार को जन्म दिन मनाया गया। इस मौके पर सभा मे उपस्थित लोगों ने उनक...

जब ज्ञान की पराकाष्ठा होती है तब चारित्र का प्रादुर्भाव होता है: आचार्य तीर्थ भद्रसूरिश्वर

किलपाॅक में विराजित आचार्य तीर्थ भद्रसूरिश्वर ने नवपद की आराधना के दौरान चारित्र पद का महत्व बताते हुए कहा कि जब ज्ञान की पराकाष्ठा होती है तब चारित्र का प्रादु...

कषाय को करें दूर: साध्वी सुमित्रा

चेन्नई. कोडमबाक्कम-वड़पलनी जैन भवन में विराजित साध्वी सुमित्रा ने कहा जब तक मनुष्य का पुण्य साथ देता है तब तक उसके द्वारा किया गया पाप छीप जाता है और कषायो का उ...

श्रमण जीवन को अंगीकार करें: साध्वी सिद्धिसुधा

चेन्नई. साहुकारपेट स्थित जैन भवन में विराजित साध्वी सिद्धिसुधा ने श्रीपाल मैना चारित्र के माध्यम से कहा कि संयम और साधना में रह कर अपने जीवन को तपा लेना चाहिए। ...

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