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मंगल भावना समारोह

पूज्य प्रवर के मंगल आशीर्वाद से विद्वान तपस्वी मुनि श्री ज्ञानेंद्र कुमार जी, मुनि श्री विनीत कुमार जी, मुनि श्री विमलेश कुमार जी का वर्ष 2019 का सफलतम उत्तरार्...

वैरागन सिमरन व प्रीति जैन ने लिया प्रवीणऋषि का आशीर्वाद

बेंगलुरु । यहां गणेश बाग में श्रमण संघीय उपाध्यायश्री प्रवीणऋषिजी म.सा. का वंदन करने वैरागनद्वय सिमरन व प्रीति जैन शुक्रवार को पहुंची। इस दौरान गौतमचंद धारीवाल,...

कुतहनी नही कृतज्ञ बने:

श्री जयमल जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में वेपेरी स्थित जय वाटिका मरलेचा गार्डन में ‘सच्चे श्रावक अच्छे श्रावक’ प्रवचन श्रंखुला के अंतर्गत श्रावक के ...

अमृत के बरसात में लगाये डुबकी: साध्वी सिद्धिसुधा

चेन्नई. साहुकारपेट स्थित जैन भवन में विराजित साध्वी सिद्धिसुधा ने कहा कि जिन शासन में अमृत का बरसता होता है अब तय आप को करना है कि इसको अपनाना है या नहीं। अमृत ...

परमात्मा सर्वश्रेष्ठ, सर्वशक्तिमान व सर्वगुण सम्पन्न है: आचार्य तीर्थ भद्रसूरिश्वर

किलपाॅक में विराजित आचार्य तीर्थ भद्रसूरिश्वर ने कहा हमारा अनादि काल से जन्म मरण का चक्र चालू है, इसकी कोई सीमा नहीं है। आपके हृदय में जब परमात्मा के दर्शन हो ज...

कृतज्ञता ज्ञापन समारोह का आयोजन कल

चेन्नई :  यहाँ विरुगमबाक्कम स्थित एमएपी भवन में  विराजित क्रांतिकारी संत श्री कपिल मुनि जी म.सा. के यशस्वी व उपलब्धिपूर्ण चातुर्मास की सम्पूर्ति के उपलक्ष्य में...

रमणीकमुनिजी को ‘जिनशासन ज्योतिपुंज’ पदवी से अलंकृत किया

पुणे। यहां के वडगांव शेरी क्षेत्र में चातुर्मासार्थ विराजित श्रमण संघीय सलाहकारश्री रमणीकमुनिजी का स्थानीय संघ द्वारा ‘जिनशासन ज्योतिपुंज’ के पद से ...

बुरे वक्त में भी सुख रूपी सुबह का खुशी खुशी इंतजार करते रहना चाहिए : आचार्यश्री देवेंद्रसागरजी

बेंगलुरु। यहां अक्कीपेट जैन संघ में विराजमान आचार्यश्री देवेंद्रसागरसूरीश्वरजी ने शुक्रवार को अपने प्रवचन में कहा कि ज़िंदगी का रोना भी कोई रोना है, ज़िंदगी रोकर ...

मन की दृढ़ता और शक्ति का नाम है साहस : देवेंद्रसागरसूरीजी

बेंगलुरु। साहस के अभाव में मनुष्य को किसी कार्य में सफलता नहीं मिलती। मन की दृढ़ता और शक्ति का नाम ही साहस है। उपरोक्त बातें आचार्यश्री देवेंद्रसागरसूरीश्वरजी न...

आज्ञा का पालन करना ही सबसे बड़ा धर्म है: जय धुरंधरमुनि

जयमल जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में चातुर्मासार्थ विराजित जय धुरंधरमुनि ने जय वाटिका मरलेचा गार्डन में श्रावक के 18 वें गुण ‘विनीता’ का वर्णन करते ...

आचरण पर निर्भर करता है व्यवहार: साध्वी सिद्धिसुधा

चेन्नई. साहुकारपेट स्थित जैन भवन में विराजित साध्वी सिद्धिसुधा ने कहा  मनुष्य को श्रद्धा का दीप जला कर ज्ञान की प्रतिभा को चारों ओर फैलाना चाहिए। ज्ञान की बात क...

हमें परमात्मा की सेवा करनी चाहिए लेकिन उसके लिए पात्रता की जरूरत होती है: आचार्य तीर्थ भद्रसूरिश्वर

किलपाॅक में विराजित आचार्य तीर्थ भद्रसूरिश्वर ने कहा परमात्मा के तीसरे संभवनाथ के स्तवन में बताया गया है कि हमें परमात्मा की सेवा करनी चाहिए लेकिन उसके लिए पात्...

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