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रायपुरम जैन संघ का सामूहिक क्षमापना

रायपुरम जैन संघ का सामूहिक क्षमापना

 श्री एस एस जैन संघ, रायपुरम के तत्वावधान में पुज्य जयतिलक मुनि जी म सा के पावन सानिध्य में तारीख 1-9-2022 गुरुवार को सकल रायपुरम जैन संघ का सामूहिक क्षमापना व तपस्यार्थीयो का सामूहिक पारणा जैन भवन रायपुरम में रखा। अध्यक्ष पारसमल कोठारी ने सभी का स्वागत किया और संघ की तरफ से मंत्री नरेन्द्र मरलेचा, गौतमचंद खटोड ने सभी से क्षमा याचना मांगी।

श्रेयान्श सुराणा, मधु बोहरा, शीतल मरलेचा, नमिता संचेती ने क्षमा पर्व पर सुन्दर भजन व गीत प्रस्तुत किया । ज्ञान युवक मण्डल के प्रोजेक्ट चेयरमैन ज्ञानचंद कोठारी ने क्षमापना पर कहा कि गलतीयो को सुधारने का समय ही क्षमापना पर्व है यही वह सुनहरा अवसर है जब हम किये हुये पापो का प्रायश्चित करते हैं। क्षमा मांगते हैं। क्षमा करें और क्षमा मांग ले, जीत है इसमें हार नहीं। क्षमा वीर का भुषण है, यह कायर का व्यवहार नहीं। मोक्ष मंजील जब तक न मिलेगी, मन से मिटे विकार नहीं। आत्म शुद्धी का मूल है यह, केवल शिष्टाचार नहीं।

पुज्य जयतिलक जी म सा ने क्षमा पर्व के बारे में बताया कि आज का दिन हमें यह संदेश दे रहा है कि त्रृटियो को भुल कर गलातियों को क्षमाकर ! क्षमापना कर ले ! मान ले दिवार टूटी तो सीमेंट से जोड़ दे। कपडा फटा तो सुई से जोड़ दिया! फर्नीचर टूटा तो जोडने के लिए मेख है! टूटी हुई चीज जोड़ दे तो फिर से काम आ जाती है। इसी तरह दिलों के टुटने से जोडना के लिए ‘क्षमा’ बनाई। हर धर्म में क्षमा का महत्व है। अंग्रेजी में सारी । सभी प्रकार की गलतियों को क्षमा करने वाला बड़ा है। व्यक्ति से गलती की संभावना है। अनजान में हुई गलती की भी क्षमा माँग ले ! घर में भी गलती हो जाती है। क्षमा कर दो! गलती कभी भी अनजान में होती है और जानबूझ कर गलती करे तो भी क्षमा कर दो। क्षमा करने से आप में देवत्व आ जाता है! क्षमा को जीवन में धारण करण के लिए अभ्यास करना होता है। “अहम को अर्हम” बनाने का सूत्र ही ‘क्षमा है! गलती बड़ो को छोटो से होती है! बस क्षमा करन की आदत होनी चाहिए! जो क्षमा देना जानता है तो क्षमा मांगना भी आ जायेगा।

तर्क से वितर्क से गलती नहीं सुधरती! क्षमायाचना एक त्यौहार है जो जोड़ने का कार्य करती है। एक और एक मिलने गयारह हो जाता है! अर्थात परिवार में एकता आती है! आज सहज में सबको क्षमायाचना कर लो। किसी भी जीव को भूलना नहीं। आप क्षमा याचना कर लोगे तो यह कर्म परम्परा यहीं रुक जायेगी । भवभ्रमण सीमित हो जायेगा। अपनी निंदा गर्हणा, आत्मालोचना अभी ही कर लो! आपका हृदय सरल बन जायेगा। सरल व्यक्ती ही क्षमा मांग सकता है। आज का दिन नया वर्ष है हमारे आत्मा का। नव वर्ष पर क्षमा याचना कर कर्मों की जंजीर तोड़ कर आत्मोथान करें। आज गुरुदेव ने सकल संघ से क्षमा याचना की और हम जीवों को क्षमा प्रदान कर अपनी महानता का परिचय दिया। तत्पश्चात तीन जनों ने नौ की तपस्या के पच्छखान लिए। मरासा के मंगल पाठ से कार्यक्रम का समापन हुआ। मंत्री नरेन्द्र मरलेचा ने संचालन किया।

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