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धोवन पानी निर्दोष जिन्दगानी पर स्वाध्याय अनुप्रेक्षा

धोवन पानी निर्दोष जिन्दगानी पर स्वाध्याय अनुप्रेक्षा

चेन्नई : बेसिन वाटर वर्क्स स्ट्रीट पर स्थित स्वाध्याय भवन में रविवार 22 फरवरी 2026 को धोवन पानी निर्दोष जिन्दगानी पर स्वाध्याय अनुप्रेक्षा वरिष्ठ स्वाध्यायी आर वीरेन्द्रजी कांकरिया द्वारा की गयी | स्वाध्यायी बन्धुवर ने संघ की मुख्य मासिक पत्रिका जिनवाणी के फरवरी अंक में प्रकाशित अंजु संजयजी सुराणा के आचार विचार चिन्तन “जन-जन की बने निशानी,हर घर में हो धोवन पानी” के संदर्भ का उल्लेख करते हुए कहा कि आहार की शुद्धता पानी पर निर्भर हैं,निर्दोष आहार की तरह निर्दोष प्रासुक पानी भी शांति पूर्वक संयमी जीवन के लिए आवश्यक हैं |

स्वाध्यायी बन्धुवर वीरेन्द्रजी कांकरिया ने धोवन पानी की विस्तृत जानकारी देते हुए धोवन बनाने की विधि बताई | धोवन पानी पीने से क्या लाभ हैं,क्या महत्व हैं, क्यो आवश्यक हैं व धोवन पानी पर मिथक भ्रांतियों पर विस्तृत प्रकाश करते हुए कहा कि धोवन पानी पीने के नियम रखने वाले को अहिंसा पालन के साथ सुपात्र दान का लाभ भी सुलभता से मिल जाता हैं, जो कि कर्मों की निर्जरा कराता हैं | स्वाध्यायी बन्धुवर ने उपस्थित श्रावकों व स्वाध्यायीगण द्वारा धोवन पानी विषय पर की गयी जिज्ञासाएं का समाधान करने का पूर्ण प्रयास किया गया |

स्वाध्याय अनुप्रेक्षा कार्यक्रम में श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ तमिलनाडु के पूर्व कार्याध्यक्ष आर नरेन्द्रजी कांकरिया,कोषाध्यक्ष श्री अम्बालालजी कर्णावट स्वाध्यायी बन्धुवर इंदरचंदजी कर्णावट दीपकजी श्रीश्रीमाल नथमलजी दुगड़ गौतमचन्दजी मुणोत बाबू धनपतराजजी सुराणा रुपराजजी सेठिया महावीरचन्दजी बागमार उच्छबराजजी गांग लीलमचन्दजी बागमार योगेशजी श्रीश्रीमाल आदि की सामायिक वेश में उपस्थिति प्रमोदजन्य रही | आर नरेन्द्रजी कांकरिया ने आत्म चिन्तन सूत्र व इंदरचंदजी कर्णावट ने संकल्प सूत्र करवाया | प्रत्याख्यान श्री नथमलजी दुगड़ व सामूहिक नियम श्री अम्बालालजी कर्णावट ने करवाया | बन्धुवरों के जैन संकल्प,सामुहिक व्रत-प्रत्याख्यान-वन्दन के पश्चात गौतमचन्दजी मुणोत ने मंगल पाठ व सुखसाता सूत्र करने के साथ स्वाध्याय अनुप्रेक्षा कार्यक्रम पूर्ण हुआ |

प्रेषक : स्वाध्याय भवन, 24/25- बेसिन वाटर वर्क्स स्ट्रीट, साहूकारपेट,चेन्नई -तमिलनाडु

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