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स्वाध्याय भवन साहूकारपेट में सामाचारी पर स्वाध्याय अनुप्रेक्षा

स्वाध्याय भवन साहूकारपेट में सामाचारी पर स्वाध्याय अनुप्रेक्षा

साहूकारपेट के बेसिन वाटर स्ट्रीट में स्थित स्वाध्याय भवन चेन्नई में रविवार 8 मार्च 2026 को संघ की मुख्य पत्रिका जिनवाणी फरवरी 2026 में प्रकाशित परमाराध्य आचार्य भगवन्त पूज्यश्री हीराचंद्रजी म.सा के प्रवचन ‘सामाचारी के पालन से होती शांति समाधि’ पर वरिष्ठ स्वाध्यायी श्री महावीरचन्दजी बागमार ने स्वाध्याय अनुप्रेक्षा करते हुए कहा कि आचार्य पूज्यश्री हीराचंद्रजी म.सा फरमाते हैं कि सामाचारी सिर्फ चरित्र आत्माओं के लिए ही नहीं साथ में श्रावक-श्राविकाओं सभी के लिए आवश्यक हैं | स्वाध्यायी बन्धुवर ने आचार्यश्री के प्रवचन ‘सामाचारी के पालन से होती शांति समाधि’ में आचर्यश्री के मुखारविन्द से फरमाए गए कि गौतमस्वामी को सामाचारी के पालन में प्रभु महावीर का सहयोग मिला तो महाशतक को रेवती का विपरीत संयोग मिला | जहां सामाचारी नहीं हैं,वह चाहे घर में हो या साधु-जीवन में वहां अशान्ति ही रहेगी | अगर गृहस्थ भी सामाचारी का पालन करता हैं तो कर्मों के बन्धन को काटता हैं और चिन्ता से मुक्त रहता हैं प्रेम और अनुशासन कायम रहता हैं | जिस घर में भी यह व्यवस्थाएं हैं वह घर स्वर्ग हैं |स्वाध्यायी बन्धुवर ने उतराध्ययन सूत्र आदि विभिन्न आगमों में वर्णित गाथाओं का उल्लेख करते हुए आवश्यकी सामाचारी पर विस्तृत प्रकाश किया |

श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ तमिलनाडु के पूर्व कार्याध्यक्ष आर नरेन्द्रजी कांकरिया ने तीन मनोरथ व संकल्प सूत्र पाठ कराते हुए वरिष्ठ स्वाध्यायी बन्धुवर को श्रुत सेवाएं प्रदान करने हेतु साधुवाद ज्ञापित किया |

 श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ के कोषाध्यक्ष सुश्रावक श्री अम्बालालजी कर्णावट ने प्रत्याख्यान कराये | वरिष्ठ स्वाध्यायी बन्धुवर श्री नवरतनमलजी चोरडिया ने सामूहिक नियम व स्वाध्यायी बन्धुवर श्री गौतमचन्दजी मुणोत द्वारा सुखसाता पृच्छा पाठ कराने के पश्चात स्वाध्यायी महावीरचन्दजी बागमार ने मंगल पाठ किया | कार्यक्रम में स्वाध्यायी बन्धुवरों की सामायिक परिवेश में उपस्थिति प्रमोदजन्य रही |

प्रेषक : स्वाध्याय भवन 24/25 – बेसिन वाटर स्ट्रीट साहूकारपेट चेन्नई तमिलनाडु.

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