16 नवम्बर 2025 रविवार स्वाध्याय अनुप्रेक्षा कार्यक्रम में रत्नवंश के अष्ठम पट्टधर आचार्य भगवन्त पूज्यश्री हीराचन्द्रजी के सुशिष्य मधुर व्याख्यानी श्रदेय श्री गौतममुनिजी म.सा के प्रवचन स्व का ज्ञान स्व की पहचान पर वरिष्ठ स्वाध्यायी आर वीरेन्द्र कांकरिया द्वारा स्वाध्याय- अनुप्रेक्षा की गई |
श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ तमिलनाडु के निवर्तमान कार्याध्यक्ष आर नरेन्द्रजी कांकरिया ने बताया कि वरिष्ठ स्वाध्यायी बन्धुवर श्री वीरेन्द्रजी कांकरिया ने श्रदेय श्री गौतममुनिजी म.सा के द्वारा प्रवचन में फरमाये गए दशवैकालिक सूत्र के प्रथम अध्ययन की पहली गाथा,धर्म भावना,प्रभु एवं प्रभु के वचनों व अपनी आत्मा के प्रति सच्चे समर्पण भावों का विस्तृत उल्लेख किया | उन्होंने स्वाध्यायी बन्धुवर के प्रति साधुवाद ज्ञापित करते हुए बताया कि रत्न स्वर्ण महोत्सव के अंतर्गत साप्ताहिक स्वाध्याय अनुप्रेक्षा कार्यक्रम में निरन्तर आर वीरेन्द्रजी कांकरिया द्वारा श्रुत सेवाए दी जा रही हैं |
स्वाध्याय- अनुप्रेक्षा कार्यक्रम में वरिष्ठ स्वाध्यायी बन्धुवर श्री नवरतनमलजी चोरडिया दीपकजी श्रीश्रीमाल जे कमलजी चोरडिया आर महावीरचन्दजी बागमार योगेशजी श्रीश्रीमाल लीलमचन्दजी बागमार वीरेन्द्रजी ओस्तवाल उच्छबराजजी गांग आर नरेन्द्रजी कांकरिया आदि स्वाध्यायीगण की उपस्थिति रहीं | दीपकजी श्रीश्रीमाल ने चिन्तन संकल्प महावीरचन्दजी बागमार ने जैन संकल्प योगेशजी श्रीश्रीमाल ने प्रत्याख्यान व जे कमलजी चोरडिया ने मांगलिक सुनाई |
प्रेषक : स्वाध्याय भवन 24/25 बेसिन वाटर वर्क्स स्ट्रीट साहूकारपेट चेन्नई