श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ-तमिलनाडु के तत्वावधान में पर्युषण चतुर्दशी पाक्षिक पर्व पर सहोदर श्रीकृष्ण वासुदेव व गजसुकमाल मुनि के जीवन चरित्र का वाचन दिनांक 26 अगस्त 2022 को।
आज शुक्रवार दिनांक 26 अगस्त 2022 को स्वाध्याय भवन, साहूकारपेट, चेन्नई में श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ, तमिलनाडु के तत्वावधान में पर्युषण चतुर्दशी पाक्षिक पर्व के अवसर पर अंतकृतदशा सूत्र के तृतीय वर्ग के मूल पाठ का वांचन स्वाध्यायी श्रीमती संगीताजी बोहरा ने किया | स्वाध्यायी श्रीमती प्रियाजी मुथा ने श्रीकृष्ण वासुदेव व सहोदर गजसुकमाल मुनि के जीवन चरित्र का सुन्दरता पूर्वक वर्णन किया। उनके माता-पिता देवकी व श्रीकृष्ण की गुण ग्राहिकता, जिनशासन में अनुकरणीय योगदान का उल्लेख करते हुए तृतीय वर्ग में अनीकसेन, अनंतसेन, अजितसेन, गजसुकमाल आदि तेरह चरित्र आत्माओं का वर्णन किया |
स्वाध्यायी श्राविकाओं ने धर्म के स्वरुप, धर्म क्यां हैं, धर्म क्यों आवश्यक हैं आदि विषयों पर प्रकाश किया | श्रावक संघ के प्रचार प्रसार सचिव आर नरेन्द्र कांकरिया ने कहा कि श्राविकाओं द्वारा अनेक श्रावक – श्राविकाओं की उपस्थिति में स्वाध्याय भवन में अष्ठ दिवसीय पर्वाराधना गतिमान हैं | प्रवचन सभा में प्रकाशचंदजी ओस्तवाल, महावीरजी कर्णावट, प्रीतमजी बांठिया, जितेंद्रजी डाकलिया अम्बालालजी कर्णावट, मोहितजी छाजेड़, दिनेशजी बैद, शशिजी कांकरिया, मैनाबाईजी बैद, मधुजी बैद, सहित अनेक श्रावक श्राविकाओं की सामायिक परिवेश में उपस्थिति प्रमोदजन्य रहीं |
श्रद्धालुओं ने उपवास-एकासन आदि व्रत-नियमों के प्रत्याख्यान किये | श्रीमती नेहा भावेशजी बैद श्रीमती लीलादेवी प्रकाशचंदजी ओस्तवाल ने तेला तप के प्रत्याख्यान किये | श्रावक श्री रुपराजजी सेठिया ने मंगल पाठ सुनाया | श्रमण भगवान महावीर, तीर्थंकरों, आचार्य भगवन्तों, उपाध्याय भगवन्त, साध्वी प्रमुखा महासतीजी, समस्त चरित्र आत्माओं की जयजयकार के साथ पर्युषण चतुर्दशी पाक्षिक पर्वपर्व को साधना-आराधना सहित मनाया गया |
प्रेषक :-
श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ, तमिलनाडु
पता :- श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ,24/25 बेसिन वाटर वर्क्स स्ट्रीट,साहूकारपेट, चेन्नई 600 001 तमिलनाडु.