तमिलनाडु हिंदी अकादमी के उपाध्यक्ष डा. दिलीपजी धींग ने अपनी नई काव्यकृति ‘समय के अश्व’ के विमोचन करने के पश्चात शनिवार को श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ, तमिलनाडु के कार्याध्यक्ष आर नरेन्द्रजी कांकरिया को भेंट की । अभुषा फाउंडेशन द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक में कवि डा. धींग के विद्यार्थी जीवन की एक से बढ़कर एक कविताएँ को समावेश किया गया हैं |
आर नरेन्द्रजी कांकरिया ने बताया कि जैन समाज की श्रेष्ठ मासिक पत्रिका ‘जिनवाणी’ में डा. दिलीपजी धींग की कविताएँ नियमित रुप से प्रकाशित होती रहती हैं। अ.भा. श्री जैन रत्न आध्यात्मिक संस्कार केन्द्र के लिए तैयार काव्यसंग्रह में डा. धींग की 12 कविताएँ सम्मिलित हैं। मधुर व्याख्यानी श्रदेय श्री गौतममुनिजी म.सा,बहुश्रुत श्रदेय श्री जयमुनिजी म.सा, मुनि श्री मोहजीत कुमारजी म.सा आदि संतो व अनेक कवियों ने भी डॉ.धींग के सृजन को सराहा है । इस अवसर पर श्री जैन रत्न आध्यात्मिक शिक्षण बोर्ड परीक्षाओं के एवं श्री जैन रत्न युवक परिषद् तमिलनाडु के संस्कारीय ‘विंग्स टू फ्लाई’ पाठशाला के कर्मठ कार्यकर्ता श्री पी वीरेन्द्रजी ओस्तवाल को डॉ. धींग ने अपनी काव्यकृति और प्राकृत विद्या (भाग 1से 3) पुस्तकें भेंट की |

संलग्न : आर नरेन्द्रजी कांकरिया व श्री पी वीरेन्द्रजी ओस्तवाल को ‘समय के अश्व’ भेंट करते डॉ. श्री दिलीपजी की छवि