*☀️प्रवचन वैभव☀️*
*🪷 सद् उपदेशक:🪷*
*शासननिष्ठ सद्गुरु*
*सूरि जयन्त सेन कृपाप्राप्त,*
श्रुत साधक क्षमाश्रमण,
मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा.
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1️⃣0️⃣9️⃣
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बंधन में
स्वतंत्रता का भ्रम
यही है मोह का प्रभाव.!
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देह के स्तर का
कितना भी दुख हो
लेकिन ज्ञान दशा जागृत है
तो आत्मा को कुछ भी
फर्क नहीं पड़ता.!
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कषाय और सुख
एक साथ असंभव हैं.!
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भूख से
कम खाना
द्रव्य उणोदरी तप है,
अशुभ
विचारों को रोकना
भाव उणोदरी तप हैं.!
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जहां सम्यक बोध नहीं,
वहां चंचलता अवश्य होगी.!
*🦚श्रुतार्थ वर्षावास 2024🦚*