चेन्नई में साहूकारपेट के बेसिन वाटर वर्क्स स्ट्रीट पर स्थित स्वाध्याय भवन में चैत्र शुक्ल पूर्णिमा पर्व के पावन प्रसंग को स्वाध्याय दिवस के रुप में मनाया गया | वरिष्ठ स्वाध्यायी श्री आर वीरेन्द्रजी कांकरिया ने प्रश्न व्याकरण सूत्र पर आश्रव के अंतर्गत मृषावाद द्वार पर मार्मिक विवेचन किया व झूठ बोलने के भयंकर दुष्परिणाम के बारे में बताते हुए कहा हर जीव को निश्चित ही झूठ बोलने से बचना चाहिए | स्वाध्यायी बन्धुवर ने विभिन्न आगमों में वर्णित सूत्र,संदेशों व प्रेरणा भरी गाथाओं का उल्लेख करते हुए सुन्दर शैली में विवेचन किया | उपस्थित जिज्ञासु स्वाध्यायीगण द्वारा रखी जिज्ञासाओं का समाधान हुआ |
श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ तमिलनाडु के पूर्व कार्याध्यक्ष आर नरेन्द्रजी कांकरिया ने जैन संकल्प सूत्र करवाया जे कमलजी चोरडिया ने दैनिक चिन्तन सूत्र व वरिष्ठ स्वाध्यायी महावीरचन्दजी बागमार ने सामूहिक नियम के संग प्रत्याख्यान करवाये | इस प्रसंग पर उपवास आदि तपस्या के प्रत्याख्यान हुए | श्री जैन रत्न श्राविका मण्डल की अध्यक्षा शशिजी कांकरिया ने मंगल पाठ किया |
पूर्णिमा पक्खी कार्यक्रम में वीर पिता- वीर पति बाबू धनपतराजजी सुराणा पदमचन्दजी दीपकजी योगेशजी श्रीश्रीमाल,श्री जैन रत्न युवक परिषद् तमिलनाडु के शाखा प्रमुख संदीपजी ओस्तवाल,गौतमचन्दजी मुणोत,रूपराजजी सेठिया,हितेनजी कोठारी, इंदरचंदजी कर्णावट, लीलमचन्दजी बागमार, ज्ञानचन्दजी बागमार, उच्छबराजजी गांग, श्रीमती सुबीताजी व सुपुत्री सोनलजी सुराणा आदि की सामायिक परिवेश में उपस्थिति रही |
पाक्षिक पर्व पर वरिष्ठ स्वाध्यायी श्री बादलचन्दजी बागमार ने सायंकालीन प्रतिक्रमण करवाया | जैन व संघ संकल्प श्री कान्तिलालजी तातेड़ व गुरु सुखसाता पाठ स्वाध्यायी श्री गौतमचन्दजी मुणोत ने करवाया | प्रतिक्रमण व सामूहिक वन्दन के पश्चात स्वाध्यायीगण ने चोवीसी की सामूहिक स्तुति करते हुए पक्खी पाक्षिक पर्व पर क्षमायाचना की |
प्रेषक : स्वाध्याय भवन’ 24/25 – बेसिन वाटर स्ट्रीट, साहूकारपेट चेन्नई, तमिलनाडु