चेन्नई के बेसिन वाटर वर्क्स स्ट्रीट,साहूकारपेट में पिछले पन्द्रह वर्षों से निरन्तर रुप से धार्मिक पुस्तकों की राख रखाव का पूर्ण लगन से उम्मेदमलजी बागमार,जिन्हें सभी उम्मेद काका के नाम से जानते हैं,कर रहे हैं |
श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ के पूर्व कार्याध्यक्ष आर नरेन्द्रजी कांकरिया ने बताया कि साहूकारपेट निवासी मरुधर में कोसाणा के छहतर वर्षीय उम्मेदमलजी बागमार काकाजी दैनिक रुप से स्वाध्याय भवन साहूकारपेट में आकर निस्वार्थ भाव से पांच से छह घण्टे तक धार्मिक पुस्तकों को पूंजनी से यतना पूर्वक प्रतिलेखना करते हैं,पुस्तकों में जीवोतप्ति ना हो उसका पूरा विवेक रखते हैं,जीव हिंसा ना हो पूर्ण रुप से ध्यान पूर्वक प्रतिलेखना करते हैं | पुरानी पुस्तके जो जजर्र अवस्था में हो,फटी होउन्हें भी सफाई पूर्वक कटिंग करके जिल्द लगवा कर पुनः पढ़ने व उपयोग में आये वैसी तैयार करने हेतु पूर्ण परिश्रम करते हैं |
स्थानकवासी मूर्तिपूजक, तेरापंथी,दिगम्बर सभी परम्पराओं के धार्मिक आगम,ग्रंथ,साहित्य, तत्वों,प्राथना आदि पुस्तको को व्यवस्थित रुप से रखते हुए जिनशासन की प्रभावना कर रहे हैं |
चेन्नई साहूकारपेट के जैन भवन,ए एम के एम स्थानक पुरस्वाक्कम,किलपाक के स्वाध्याय भवन आदि क्षेत्रों में चातुर्मास काल में पुस्तकों की स्टाल लगाते हैं व निःशुल्क पुस्तकें उपलब्ध कराते हैं |
अनेको बार अनुभव हुआ कि धार्मिक पुस्तकों,आगम,ग्रन्थ आदि की आवश्यकता की जानकारी मिलने पर चरित्र आत्माओं व सभी श्रावक श्राविकाओं को स्वयं जाकर पुस्तकें देने की सेवाएं कर रहे हैं |
अनेक वर्षों से जैन महासंघ चेन्नई के अन्तर्गत आयोजित महावीर जन्म कल्याणक के अवसर पर दादावाड़ी, अयनावरम में धार्मिक पुस्तकों की निःशुल्क स्टाल लगा रहे हैं | इस पुनीत कार्य में दो वर्षों से स्वाध्यायी श्री नवरतनमलजी चोरडिया व कर्मठ कार्यकर्ता युवक एन हेमन्तजी बाफना उनका सहयोग कर रहे हैं |
उम्मेद काकाजी व सहयोगियों का स्वागत अभिनन्दन हैं |






