तमिलनाडु हिंदी अकादमी के उपाध्यक्ष साहित्यकार डॉ. दिलीपजी धींग और श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ, तमिलनाडु के पूर्व कार्याध्यक्ष आर.नरेन्द्रजी कांकरिया ने मंगलवार शाम को मद्रास विश्व विद्यालय में सोमैया विद्याविहार विश्वविद्यालय, मुंबई से पधारे हुए डॉ. शुद्धात्म प्रकाशजी जैन को अष्टपाहुड ग्रंथ भेंट किया ।
आर नरेन्द्रजी कांकरिया ने बताया कि आचार्य कुंदकुंद रचित प्राकृत भाषा की आठ पुस्तकों के समूह 400 पृष्ठीय ‘अष्टपाहुड’ का प्रथम अंग्रेजी अनुवाद कर्नल डॉ. डी एस बया ने किया और डॉ. दिलीपजी धींग के संपादन में प्रथम बार अभुषा फाउंडेशन के चेयरमैन श्री अभयकुमारजी श्रीश्रीमाल ने प्रकाशित किया ।
डॉ. शुद्धात्म प्रकाशजी जैन ने डॉ. दिलीपजी धींग की शोधदृष्टि और साहित्यिक सक्रियता को प्रेरणादायक बताते हुए प्रमोद भाव व्यक्त किये । उन्होंने कहा कि यह ग्रंथ विद्यार्थियों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा ।