वेलूर के किएपुतूरपेट्टै स्थित श्री धन्वंतरि आरोग्य पीठम में नवनिर्मित श्री स्वर्ण शनिश्वर भगवान एवं श्री लक्ष्मीवराह मंदिर में आगामी 13 व 14 जून को महाकुम्भाभिषेक महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।
सोमवार को पीठम संस्थापक मुरलीधर स्वामी ने पत्रकारों को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि विश्व कल्याण व आमजन रोग मुक्त हो इस उदेश्य से श्री धन्वंतरि भगवान की प्रतिमा का वैदिक रीति रिवाज के साथ स्थापना किया गया था।
इसके आलावा पीठम में मुख्य देवी व देवताओं के भी मंदिरों का निर्माण कर मूर्तियों को स्थापित किया गया है और प्रतिदिन किसी न किसी देवी-देवताओं की अभिषेक, पूजा व यज्ञ का आयोजन किया जाता है। भगवान विष्णु के लिए अवतारों में वराह अवतार सबसे प्रमुख है। हिरण्याक्ष और हिरण्यकशिपु नामक दैत्यों के नाश के लिए भगवान विष्णु वराह अवतार लिए।
हिन्दू धर्म ग्रंथों के अनुसार इनके दस अवतारों में से ये तृतीय अवतार है जो भाद्रपद में शुक्ल पक्ष की तृतीया को अवतरित हुए थे। इनकी महिमा को देखते हुए पीठम में श्री लक्ष्मी वराह भगवान एवं श्री स्वर्ण शनिश्वर भगवान की नवनिर्मित मंदिर का निर्माण कर आगामी 13 व 14 जून को मूर्तियों का स्थापना कर उसके बाद महाकुम्भाभिषेक महोत्सव आयोजित किया जाएगा।
महाकुम्भाभिषेक महोत्सव में संतगण श्री नारायणी पीठम के स्वामी शक्ति अम्मा, रत्नगिरि के बालमुरगन अडिमै स्वामी, कलवै पीठम के सच्चिदानन्द स्वामी, महादेव मलै के महादेव सिद्धर, मंत्रीगण, कलक्टर रामण, पुलिस अधीक्षक परवेश कुमार, मद्रास उच्च न्यायालय के जज डा.पी. ज्योतिमणि, आईएएस नन्दगोपाल सहित कई प्रमुख राजनेता शामिल होंगे।