श्री जैन रत्न युवक परिषद् तमिलनाडु के तत्वावधान में स्वाध्याय भवन साहूकारपेट में मासिक सामूहिक सामायिक का आयोजन
चेन्नई के साहूकारपेट में बेसिन वाटर वर्क्स स्ट्रीट में स्थित स्वाध्याय भवन में 7 दिसम्बर रविवार को श्री जैन रत्न युवक परिषद् तमिलनाडु के तत्वावधान में मासिक सामूहिक सामायिक का आयोजन आचार्य भगवन्त पूज्यश्री हीराचन्द्रजी म.सा, भावी आचार्य पूज्यश्री महेन्द्रमुनिजी म.सा के आज्ञानुवर्तिनी व्याख्यात्री महासतीजी श्री सुमतिप्रभाजी म.सा आदि ठाणा 4 के सानिध्य में रखा गया |
महासतीजी श्री वर्षाजी म.सा ने सामूहिक सामायिक के अंतर्गत प्रवचन सभा में उपस्थित श्रावक श्राविकाओं को संबोधित करते हुए फरमाया कि संसार में व्यक्ति पुदगल रुपी टुकड़ों के पीछे की दौड़ में अंधाधुन्ध मशगूल होकर शांति को खो रहा हैं और हमेशा अशांत रहता हैं | व्यक्ति को चिन्तन करना चाहिए कि हमारे कारण,हमारे व्यवहार व वचनों के कारण कितनों दिलों के टुकड़े हो रहे हैं | हम शांति प्राप्त करने के लिए शांतिनाथ प्रभु की प्राथना,शांति जाप तो करते हैं पर हम वास्तविक शांति तब ही प्राप्त कर सकेंगे,जब हम सभी को शांति देंगे,किसी को अशांति नहीं देंगे |
महासतीजी ने उतराध्ययन सूत्र के दसवें अध्ययन की गाथा का वर्णन करते हुए कहा कि प्रभु महावीर फरमाते हैं कि साधक हर गांव हर नगर में विचरण करते हुए हमेशा शान्ति के मार्ग में आगे बढ़े | शान्ति बाहर में ढूढ़ते हैं पर वास्तव में शांति बाहर में नहीं स्वयं के अन्दर ही हैं | जो भीतर गया वो भी तर गया, अर्थात जो स्वयं के भीतर आत्म तत्व का चिन्तन करते हैं,वे आत्मा के स्वरुप को जान कर तर जाते हैं | जहाँ अहिंसा हैं,जहां सत्य हैं, जहां आत्मीयता भाव हैं जहां सद्भाव हैं जहां समभाव हैं जहां प्रमोद भाव हैं जहां गुणानुवाद भाव हैं, वहां ही शान्ति हैं| गुस्से, तनाव, डर, चिंता, घबराहट, नकारत्मकता जलन आदि पर नियंत्रण करने के सप्त सूत्र बताये |
प्रवचन सभा में इन्दरचन्दजी मुणोत सन्दीपजी ओस्तवाल जवाहरलालजी कर्णावट, शशिजी कांकरिया योगेशजी श्रीश्रीमाल, प्रकाशचंदजी लीलादेवीजी ओस्तवाल, विमलचन्दजी सुराणा, वीरेन्द्र जी कांकरिया, मोनलजी बोथरा, अम्बालालजी कर्णावट, रुपराजजी सेठिया लीलमचन्दजी बागमार, कमलचंदजी सुराणा सुगनचंदजी बोथरा, सज्जनराजजी बोथरा, महावीरचन्दजी लोढा, विनोदजी जैन, राकेशजी खींवसरा, कमलजी चोरडिया, धर्मेशचंदजी लोढा रविन्द्रकुमारजी कवाड, अशोकजी बागमार, गणपतराजजी बाफना, विमलजी बोहरा, सुनीलजी बोथरा वीरेन्द्रजी ओस्तवाल, प्रेमजी बागमार, भरतजी बागमार, शिखरजी छाजेड़ सहित चेन्नई महानगर के अनेक क्षेत्रों से श्रदालु श्रावक श्राविकाओं की सामायिक परिवेश में अच्छी संख्या में उपस्थिति प्रमोदजन्य रही |
प्रवचन सभा का संचालन श्री जैन रत्न युवक परिषद् तमिलनाडु के मन्त्री आर मनोजजी कवाड ने किया | महासतीजी श्री वर्षाजी म.सा ने मांगलिक फरमाई | श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ तमिलनाडु के निवर्तमान कार्याध्यक्ष आर नरेन्द्रजी कांकरिया ने साध्वी वृन्द के चरणों में पोह कृष्ण दशमी पार्श्वनाथ जन्म व एकादशी दीक्षा कल्याणक दिवस को स्वाध्याय भवन में तप त्याग पूर्वक मनाने व शेष काल विराजने की विनती रखी व बताया कि महासती मण्डल के दैनिक प्रवचन स्वाध्याय भवन साहूकारपेट में सुबह 9.15 बजे से होंगे | जैन संकल्प श्री कांतिलालजी तातेड़ व चरित्र आत्माओं की सुखसाता पृच्छा गौतमचन्दजी मुणोत ने करवाया | महासतीजी श्री सुमतिप्रभाजी म.सा ने मांगलिक फरमाई |
सामुहिक सामायिक कार्यक्रम के पश्चात अल्पाहार के लाभार्थी अनन्य गुरुभक्त श्री प्रकाशचंदजी सुनीलकुमारजी हर्षकुमारजी बोथरा परिवार चेन्नई मरुधर में भोपालगढ़ रहे |
इस अवसर पर श्री जैन रत्न युवक परिषद् तमिलनाडु के तत्वावधान में विंग्स टू फ्लाई बालक बालिकाओं के नैतिक व धार्मिक संस्कारीय शिविर के बालक बालिकाओं को सामूहिक कक्षा लेते हुए महासतीजी श्री तितिक्षा जी म.सा ने प्रेरणाएं दी व गुरु वन्दन के पश्चात महासतीजी श्री तितिक्षाजी म.सा ने मांगलिक फरमाई |