जैन साध्वियों ने बताए जीवन में अच्छाई लाने और बुराई से दूर रहने के सूत्र
Sagevaani.com @शिवपुरी ब्यूरो। शिवपुरी में चार्तुमास कर रही जैन साध्वियों ने आज कमला भवन में आयोजित धर्मसभा में जीवन को सुन्दर बनाने के उपाय बताए। एक ओर साध्वी वंदना श्रीजी श्रावक के 21 गुणों का बखान कर जीवन को सकारात्मक रूप देने वहीं साध्वी नूतन प्रभाश्रीजी 18 पापों से कैसे दूर रहकर जीवन की नकारात्मकता से मुक्ति पाने के तरीके बताए। साध्वी रमणीक कुंवर जी ने कहा कि जिन वाणी श्रवण से आपके जीवन में यदि किचिंत भी बदलाव आया तो हमारा शिवपुरी चार्तुमास करना सार्थक हो जाएगा। धर्मसभा में धर्म निष्ठ श्रावक जगदीश निगोती ने अपने उदगार व्यक्त करते हुए कहा कि साध्वी रमणीक कुंवर जी ठांणा पांच का चार्तुमास शिवपुरी में हुआ है यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने काव्यात्मक अंदाज में कहा कि हम उनका स्वागत करते हैं, वंदन और अभिनंदन करते हैं।
धर्मसभा में साध्वी वंदना श्री जी श्रावकों के 21 गुणों को विस्तार से बता रही हैं। रविवार की सभा में उन्होंने कहा कि श्रावक को लज्यावान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बड़ी मुश्किल से हमें मानव जीवन मिला है और इस जीवन को हमें सार्थक बनाना है।
साध्वी रमणीक कुंवर जी ने कहा है कि हम चाहें तो जिन बन सकते हैं अर्थात अपनी इन्द्रियों को जीत कर भगवान बनने की सामर्थ हम में है और च ाहें तो अपने जीवन का पतन कर सकते है। जीवन के शिखर पर पहुंचने के लिए हमें अच्छाईयों को धारण करना होगा तथा बुराईयों से दूर रहना होगा। तभी हमारा जीवन मधुवन की तरह सुन्दर और सरस बनेगा। साध्वी नूतन प्रभाश्री जी ने बताया कि जीवन को बुराई मुक्त करने के लिए आवश्यक है कि हम पापों से दूर रहें। लेकिन दुर्भाग्य है कि पाप के रास्ते पर चलने में हमें आनंद की अनुभूति होती है और कदम अपने आप पाप के रास्ते की ओर आगे बढ़ जाते हैं। उन्होंने कलह को पाप बताते हुए कहा कि किस तरह से घर की लड़ाई ने महाभारत का रूप धारण कर लिया।
लड़ाई झगड़े छोटी-छोटी बातों से होते हैं और इसके मूल में अहंकार होता है उन्होंने अभ्याख्यान को पाप बताते हुए कहा कि इसका अर्थ है कि हम दूसरे पर झूठा आरोप या कलंक लगाते हैं जबकि हमें विश्वास होता है कि हम जो आरोप लगा रहे है वह गलत है। अगले पाप पैशून्य की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इसका अर्थ चुगली से हैै, चुगली करने वाले को नारद मुनि की संज्ञा दी गई है। जीवन को धर्म के रास्ते पर लाना है तो हमें चुगली जैसी बुराई से अपने आपको दूर करना होगा। अगले पाप पर परिवाद की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि हम रस लेकर किसी की निंदा करते है तो इस पाप को पर परिवाद कहते हैं।
जैन मिलन करेगा जैन एकता पर कार्यक्रम
रविवार को जैन मिलन के पदाधिकारियों ने कमला भवन में पहुंचकर साध्वी रमणीक कुंवर जी से आशीर्वार्द लिया। उन्होंने साध्वी रमणीक कुंवर जी से निवदेन किया कि उनका संगठन उनके निर्देशन और नेतृत्व में जैन एकता पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करेगा। इस हेतु आप स्वीकृति दें। इस पर साध्वी रमणीक कुंवर जी ने उन्हें बताया कि प्रतिवर्ष होने वाली उनकी बड़ी मांगलिक शिवपुरी में 20 अक्टूबर को होने जा रही है और इस कार्यक्रम के बाद जो भी समय उनके अनकुल हो उस तिथि पर कार्यक्रम आयोजित कर लिया जाए। इस अवसर पर साध्वी नूतन प्रभाश्री जी ने जैन मिलन के पदाधिकारियों से कहा कि जैन एकता की पहल सिर्फ कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहना चाहिए बल्कि जैन एकता हमारे आचरण में भी दिखनी चाहिए। इससे हम भगवान महावीर के सच्चे अनुयायी होने का गौरव पा सकेेंगे।